महंगाई का प्रभाव आम परिवारों पर गहरा है
महंगाई की मार सिर्फ आंकड़ों में नहीं दिखती, बल्कि आम परिवारों की रोजमर्रा की जिंदगी में गहराई से महसूस की जाती है। एक पिता की आंखों में वह चिंता साफ झलकती है जो अपनी बाइक में आधा पेट्रोल डालकर घर लौटता है। एक मां हर दिन रसोई में खर्च कम करने का हिसाब लगाती है, जबकि एक मजदूर दिनभर मेहनत के बाद भी अपने बच्चों की जरूरतें पूरी करने में असमर्थ रहता है।
लेकिन सत्ता के गलियारों में बैठे कुछ लोगों और उनके गुणगान में लगे तथाकथित पत्रकारों को शायद इस दर्द का एहसास नहीं होता। जिनकी दुनिया आलीशान कमरों, बड़े लोगों की मेहरबानियों और सत्ता की चमक के बीच गुजरती है, उन्हें आम आदमी की बुझती रसोई और खाली जेब का दर्द नजर नहीं आता।