धूं-धूं कर जल रहे उत्तराखंड के जंगल
पौड़ी गढ़वाल की गगवाड़स्यूं घाटी समेत कई वन क्षेत्रों में भीषण आग फैल गई है। तेज गर्मी और सूखी हवाओं के चलते आग तेजी से फैल रही है, जिससे हजारों हेक्टेयर वन संपदा खतरे में पड़ गई है।
स्थानीय लोगों के अनुसार रात के समय पहाड़ों पर आग की लपटें दूर-दूर तक दिखाई दे रही हैं। धुएं के कारण आसपास के गांवों में सांस लेने में दिक्कत और आंखों में जलन जैसी समस्याएं सामने आ रही हैं। वन विभाग और फायर सर्विस की टीमें लगातार आग पर काबू पाने की कोशिश में जुटी हुई हैं।
प्रदेश में बढ़ती गर्मी और हीटवेव के कारण जंगलों में आग की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। कई जिलों में तापमान 40 डिग्री के पार पहुंच चुका है, जिससे हालात और गंभीर हो गए हैं। प्रशासन ने लोगों से जंगलों में आग से बचाव को लेकर सतर्क रहने की अपील की है।
विशेषज्ञों का कहना है कि यदि समय रहते आग पर नियंत्रण नहीं पाया गया, तो वन्यजीवों और पर्यावरण को भारी नुकसान हो सकता है। वहीं शहरों में भी वनों की राख उड़कर पहुंच रही है। वन्य जीव मुख्यतः गुलदार इंसानों के बीच में आकर इंसानों का शिकार कर रहा है, हाल ही में उत्तराखंड के वन्य मंत्री सुबोध उनियाल के पैतृक गाँंव ओनी (पौड़ी गढ़वाल) में एक महिला को घायल किया है। वनों में लग रही आग और वन्य जीवों का प्रहार किसी आपदा से कम नहीं है।