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प्रयागराज जोन ADG का कड़ा रुख: मानिकपुर थानाध्यक्ष पर जांच के आदेश, निर्दोष को जेल भेजने की धमकी देकर 5000 की वसूली का आरोप

प्रयागराज जोन ADG का कड़ा रुख: मानिकपुर थानाध्यक्ष पर जांच के आदेश, निर्दोष को जेल भेजने की धमकी देकर ₹5000 की वसूली का आरोप


​पीड़ित का आरोप: युवक को अवैध हिरासत में रखा, सिपाही ने पेट्रोल पंप पर कराया ऑनलाइन पेमेंट।
​अमानवीयता: पैरवी करने पहुंचीं सास-बहू को भी रात 12 बजे तक थाने में बैठाया।

​साक्ष्य की मांग:

पीड़ित ने कहा—

"थाने के CCTV फुटेज और मोबाइल लोकेशन से सामने आ जाएगा सच।"
​प्रतापगढ़/मानिकपुर।
उत्तर प्रदेश पुलिस की कार्यशैली को कटघरे में खड़ा करने वाला एक गंभीर मामला मानिकपुर थाने से सामने आया है। अपर पुलिस महानिदेशक (ADG) प्रयागराज जोन ने मानिकपुर थानाध्यक्ष के खिलाफ लगे अवैध हिरासत और अवैध वसूली के गंभीर आरोपों का संज्ञान लेते हुए तत्काल जांच के आदेश दिए हैं। पीड़ित परिवार ने प्रयागराज पहुंचकर ADG के समक्ष न्याय की गुहार लगाई थी, जिसके बाद महकमे में हड़कंप मच गया है।

​क्या है पूरा मामला?

​रायबरेली जिले के ऊंचाहार (इटोरा बुजुर्ग) निवासी पीड़ित रंजीत कुमार पुत्र विनोद कुमार ने बताया कि उसका ननिहाल मानिकपुर के दुलुवामई में है। आगामी 22 मई को शाम करीब 5 बजे मानिकपुर पुलिस ने उसके मामा लल्लन प्रसाद को हिरासत में ले लिया था।
​जब इसकी जानकारी लल्लन की पत्नी और उनकी मां फूला देवी को हुई, तो वे पैरवी के लिए थाने पहुंचीं। आरोप है कि थानाध्यक्ष ने संवेदनशीलता ताक पर रखकर पैरवी करने आईं सास-बहू दोनों को रात 12 बजे तक थाने में बैठाए रखा।
​निर्दोष भांजे को दबोचा, पेट्रोल पंप पर कराया ऑनलाइन पेमेंट

​पीड़ित रंजीत के मुताबिक,

वह थाने से करीब 60 मीटर दूर बाहर बैठा हुआ था। आरोप है कि पुलिस ने उसे भी जबरन पकड़कर थाने के अंदर बंद कर दिया। रंजीत ने बताया:
​"23 मई की सुबह चालान करने से पहले थाने के एक सिपाही ने मुझे डराया-धमकाया और कहा कि 'साहब को पैसे देने हैं।' इसके बाद सिपाही ने मुझसे 'आर.एस. पेट्रोलियम' पर ₹5000 का ऑनलाइन पेमेंट कराया और कहा कि साहब से बोलकर तुम्हें छुड़वा रहा हूं।"

​मोबाइल जब्त कर कराया भुगतान,

CCTV से खुलेगा राज

​पीड़ित ने पुलिस की इस वसूली की परतें खोलते हुए बताया कि 22 मई से 23 मई की शाम 4:30 बजे तक उसका मोबाइल फोन थाने में जमा करा लिया गया था। लेकिन जब ₹5000 की ऑनलाइन घूस लेनी थी, तो सिपाही ने खुद उसका फोन लाकर दिया, पेमेंट करवाया और फिर फोन वापस जमा कर लिया। पीड़ित ने ADG से गुहार लगाई है कि यदि थाने का CCTV फुटेज और उसके मोबाइल की लोकेशन व ट्रांजैक्शन हिस्ट्री की जांच कराई जाए, तो 'दूध का दूध और पानी का पानी' हो जाएगा।

​एकतरफा कार्रवाई का भी आरोप

​पीड़ित परिवार ने मानिकपुर पुलिस पर द्वेषभावना से काम करने का आरोप लगाते हुए कहा कि फूला देवी के बच्चों के खिलाफ पहले भी तीन बार एकतरफा धारा 151 के तहत कार्रवाई की जा चुकी है और दो बार गंभीर धाराओं में झूठा मुकदमा दर्ज किया गया है।

​ADG के आदेश से हड़कंप, सोशल मीडिया पर फूटा गुस्सा
​मामले की गंभीरता और रंजीत द्वारा पेश किए गए डिजिटल साक्ष्यों को देखते हुए ADG प्रयागराज ने इसे अत्यंत संवेदनशील माना है। उन्होंने मानिकपुर थाना प्रभारी और संलिप्त कर्मियों के खिलाफ तत्काल प्रभाव से निष्पक्ष जांच के आदेश जारी कर दिए हैं।
​इधर, खाकी को दागदार करने वाली इस कथित वसूली और प्रताड़ना की खबर जैसे ही सोशल मीडिया पर वायरल हुई, वैसे ही स्थानीय जनता में पुलिस के प्रति भारी आक्रोश देखा जा रहा है। अब देखना यह है कि जांच के बाद दोषी पुलिसकर्मियों पर गाज कब गिरती है।

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