रायबरेली : गदागंज पावर हाउस की बदहाल व्यवस्था से जनता परेशान
रायबरेली : गदागंज पावर हाउस की बदहाल व्यवस्था से जनता परेशान
एक तरफ Yogi Adityanath प्रदेश में निर्बाध बिजली आपूर्ति के सख्त निर्देश दे रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ रायबरेली के गदागंज पावर हाउस क्षेत्र के लगभग सैकड़ों गांव भीषण बिजली संकट से जूझ रहे हैं।
भीषण गर्मी के बीच लोगों को 24 घंटे में सिर्फ 7–8 घंटे ही बिजली मिल पा रही है, उसमें भी लगातार कटौती हो रही है। कभी रोस्टिंग के नाम पर, कभी शटडाउन के नाम पर तो कभी फाल्ट बताकर घंटों बिजली बंद कर दी जाती है। हालात ऐसे हैं कि लोगों को यह तक पता नहीं रहता कि आखिर बिजली कब आएगी।
ऊर्जा विभाग और संबंधित अधिकारी लगातार बेहतर सप्लाई के दावे करते हैं, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही दिखाई दे रही है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि शिकायत करने पर “ऊपर से बंद है” कहकर बात टाल दी जाती है।
सबसे बड़ी परेशानी यह है कि जब भी लोग अधिकारियों के नंबर पर फोन करते हैं तो या तो कॉल नहीं उठती, या फिर कोई स्पष्ट जवाब नहीं मिलता। शिकायतों का कोई समय पर समाधान नहीं हो रहा, जिससे ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।
गांवों में बच्चों, बुजुर्गों और मरीजों का गर्मी से बुरा हाल है। पंखे-कूलर बंद पड़े हैं और रातें अंधेरे में गुजर रही हैं।
जनता का सवाल साफ है —
जब मुख्यमंत्री लगातार बिजली व्यवस्था सुधारने के निर्देश दे रहे हैं और विभाग दावे कर रहा है, तो फिर गदागंज क्षेत्र के सैकड़ों गांव अंधेरे में क्यों हैं?
और शिकायत करने पर भी कोई सुनवाई क्यों नहीं हो रही?
✍️✍️ रिपोर्ट गुलशद रज़ा