मिर्जापुर के मर्चेंट नेवी अफसर मनीष द्विवेदी अमेरिका में मिले सुरक्षित, फर्जी आरोप में फंसाने का परिजनों ने लगाया आरोप
मिर्ज़ापुर (पड़री /पहाड़ी ) : - पड़री थाना क्षेत्र अंतर्गत चौहानपट्टी गांव के रहने वाले मर्चेंट नेवी अफसर मनीष द्विवेदी के लापता होने के मामले में आखिरकार बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है। कई दिनों से अमेरिका में लापता चल रहे मनीष द्विवेदी सुरक्षित मिल गए हैं। हालांकि, इस मामले ने अब नया मोड़ ले लिया है, क्योंकि अमेरिकी पुलिस ने उन्हें एक कथित छेड़छाड़ के आरोप में हिरासत में लिया है। दूसरी ओर मनीष के परिजन, मित्र और स्थानीय लोग इन आरोपों को पूरी तरह झूठा और मनगढ़ंत बता रहे हैं।
जानकारी के अनुसार, मनीष द्विवेदी मर्चेंट नेवी के जहाज “सिफनोस लेडी” पर सेकंड ऑफिसर के पद पर तैनात थे। मई माह की शुरुआत में जहाज अमेरिका के फिलाडेल्फिया बंदरगाह पर पहुंचा था। इसी दौरान मनीष अपने कुछ साथियों के साथ एक शॉपिंग मॉल गए थे, लेकिन उसके बाद अचानक उनका संपर्क टूट गया। काफी खोजबीन के बाद भी जब उनका कोई सुराग नहीं मिला तो परिवार के साथ-साथ पूरे नाविक समुदाय में चिंता और बेचैनी बढ़ गई। स्थिति तब और गंभीर हो गई जब जहाज भी मनीष के बिना ही आगे रवाना हो गया।
शुरुआती दिनों में तरह-तरह की आशंकाएं जताई जा रही थीं। किसी अनहोनी या हादसे की संभावना से परिवार पूरी तरह टूट चुका था। लेकिन बाद में यह स्पष्ट हुआ कि मनीष जीवित और सुरक्षित हैं तथा उन्हें अमेरिका की डेलावेयर स्टेट पुलिस ने हिरासत में लिया हुआ है। अमेरिकी पुलिस का कहना है कि मॉल में एक व्यक्ति द्वारा शिकायत दर्ज कराई गई थी, जिसमें मनीष पर अनुचित तरीके से छूने का आरोप लगाया गया है।
हालांकि मनीष के परिजनों और शुभचिंतकों ने इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। उनका कहना है कि मनीष एक जिम्मेदार, अनुशासित और सम्मानित मर्चेंट नेवी अधिकारी हैं तथा उन्हें किसी गलतफहमी या साजिश के तहत फंसाया गया है। स्थानीय लोगों में भी इस घटना को लेकर भारी नाराजगी और चिंता देखने को मिल रही है।
इस पूरे मामले में Anupriya Patel की भूमिका बेहद अहम रही। मनीष के पिता संतोष द्विवेदी ने स्थानीय प्रशासन के साथ-साथ केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल से मुलाकात कर अपने बेटे की सकुशल बरामदगी के लिए मदद मांगी थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए अनुप्रिया पटेल ने तत्काल विदेश मंत्रालय से संपर्क साधा और विदेश मंत्री को पत्र भेजकर हस्तक्षेप की मांग की। इसके अलावा उन्होंने विदेश राज्य मंत्री Kirti Vardhan Singh से व्यक्तिगत रूप से मुलाकात कर मामले को प्राथमिकता से उठाया।
वहीं स्थानीय प्रशासन भी लगातार सक्रिय बना रहा। Pawan Kumar Gangwar और Aparna Rajat Kaushik ने मामले को गंभीरता से लेते हुए एलआईयू और संबंधित एजेंसियों को सक्रिय किया। इसके बाद भारत सरकार के विदेश मंत्रालय तथा वाशिंगटन स्थित भारतीय दूतावास ने अमेरिकी कस्टम्स एंड बॉर्डर प्रोटेक्शन (CBP) से लगातार संपर्क बनाए रखा।
आखिरकार शिपिंग कंपनी के वकील जोस और प्राइवेट इनवेस्टिगेटर के माध्यम से यह आधिकारिक जानकारी सामने आई कि मनीष पुलिस हिरासत में सुरक्षित हैं। फिलहाल कंपनी के वकील और जांचकर्ता उनके पक्ष में कानूनी कार्रवाई में जुटे हुए हैं, ताकि उन्हें जल्द से जल्द निर्दोष साबित कर भारत वापस लाया जा सके।
मनीष द्विवेदी के सुरक्षित मिलने की खबर से परिवार और क्षेत्र के लोगों ने राहत की सांस ली है, लेकिन अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि जांच में सच्चाई क्या सामने आती है और मनीष को कब तक न्याय मिल पाता है।