धौला चाय बागान की नौकरियों में स्थानीय शिक्षित युवाओं को मिले प्राथमिकता: 'आसा' ने सौंपा मांग पत्र
सैखोवाघाट:- चाय बागान क्षेत्रों में स्थानीय युवाओं के रोजगार के अधिकार को लेकर 'ऑल आदिवासी स्टूडेंट्स एसोसिएशन ऑफ असम' (AASAA - आसा) मुखर हो गई है। संगठन की सैखोवा क्षेत्रीय समिति ने धौला चाय बागान के मुख्य प्रबंधक श्री प्रवीन बुढ़ागोहांई को एक मांग पत्र सौंपकर बागान में रिक्त पड़े पदों पर स्थानीय शिक्षित युवक-युवतियों को पहली प्राथमिकता देने की पुरजोर मांग की है।
सौंपे गए ज्ञापन में 'आसा' के पदाधिकारियों ने प्रबंधन से अनुरोध किया है कि धौला चाय बागान में विभिन्न विभागों के तहत जो पद वर्तमान में खाली हैं, उनके लिए तत्काल साक्षात्कार प्रक्रिया शुरू की जाए। संगठन ने स्पष्ट किया कि इन नौकरियों पर पहला अधिकार इसी बागान के शिक्षित युवाओं का होना चाहिए, ताकि क्षेत्र से बेरोजगारी को दूर किया जा सके।
इस संबंध में 'आसा' धौला क्षेत्रीय समिति के अध्यक्ष श्री नरेश किशान, प्रभारी संपादक श्री हेमन्त तांती और तिनसुकिया जिला समिति के प्रचार संपादक श्री सोमनाथ तांती और आट्सा तालाप शाखा के सांस्कृतिक सचिव अजय कुर्मी और सैखोवा उप-शाखा के उपसभापति अनिल खोदाल ने संयुक्त रूप से कहा कि बागान प्रबंधन को स्थानीय युवाओं की योग्यता का सम्मान करना चाहिए। यदि बागान के शिक्षित युवक-युवतियों को प्राथमिकता दी जाती है, तो इससे न केवल स्थानीय स्तर पर विकास होगा, बल्कि युवाओं को अपने ही क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनने का अवसर भी मिलेगा। संगठन को उम्मीद है कि प्रबंधन इस पर सकारात्मक रुख अपनाते हुए जल्द ही उचित कदम उठाएगा।