जलवायु परिवर्तन से महिलाओं और किशोरियों पर बढ़ते संकट पर मंथन
हाजीपुर में मंगलवार को “जेंडर एवं जलवायु मेला सह सम्मान समारोह” का आयोजन किया गया, जिसमें जलवायु परिवर्तन का महिलाओं, किशोरियों एवं ग्रामीण समुदायों पर पड़ रहे प्रभावों पर गंभीर चर्चा हुई। कार्यक्रम का आयोजन “मेरी पंचायत मेरी शक्ति” संगठन एवं क्रिया के संयुक्त तत्वावधान में दरबार होटल में किया गया। इसमें जिला प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग, ICDS, सखी वन स्टॉप सेंटर, आपदा प्रबंधन, विधिक सेवा प्राधिकार, पंचायत प्रतिनिधियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं तथा बड़ी संख्या में महिलाओं एवं किशोरियों ने भाग लिया।
कार्यक्रम में बढ़ती गर्मी, बाढ़, जल संकट, पलायन, आजीविका संकट, बाल विवाह, स्वास्थ्य समस्याओं एवं महिलाओं के खिलाफ बढ़ती हिंसा जैसे मुद्दों को प्रमुखता से उठाया गया। आयोजक संस्था इजाद की सचिव अख्तरी बेगम ने कहा कि जलवायु परिवर्तन केवल पर्यावरण का नहीं, बल्कि सामाजिक न्याय और जेंडर समानता का भी विषय है। उन्होंने कहा कि इसका सबसे अधिक असर गरीब महिलाओं और हाशिए पर रह रहे समुदायों पर पड़ रहा है।
भगवानपुर की किसान एवं वार्ड सदस्य रेखा देवी ने कहा कि 47 डिग्री तापमान में फसलें सूख जाती हैं और बाढ़ में डूब जाती हैं, जिससे लड़कियों की पढ़ाई भी प्रभावित होती है। वहीं आशा कार्यकर्ता उमा देवी ने बताया कि गर्मी और बाढ़ के दौरान गर्भवती महिलाओं एवं बच्चों की स्वास्थ्य समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं।
कार्यक्रम में किशोरियों द्वारा पोस्टर प्रदर्शनी, नुक्कड़ नाटक और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से जलवायु संकट के प्रति जागरूकता फैलायी गई। इस दौरान पंचायत स्तर पर महिला सशक्तिकरण, सामाजिक न्याय एवं सामुदायिक विकास में उल्लेखनीय योगदान देने वाले 11 लोगों को “कम्युनिटी लीडरशिप अचीवर अवॉर्ड” से सम्मानित किया गया। आयोजकों ने कहा कि महिलाओं और किशोरियों के नेतृत्व को मजबूत किए बिना जलवायु न्याय संभव नहीं है।