ऑल इंडिया मुस्लिम इंटेलेक्चुअल सोसाइटी के ज़ेर-ए-अहतेमाम 7 रोज़ा "अज़मत-ए-क़ुर्बानी" प्रोग्राम इख़्तेताम पज़ीर
हमारी नमाज़, क़ुर्बानी और ज़िंदगी सिर्फ़ अल्लाह के लिए होनी चाहिए — मौलाना जहांगीर क़ासमी
ऑल इंडिया मुस्लिम इंटेलेक्चुअल सोसाइटी के ज़ेर-ए-अहतेमाम 7 रोज़ा "अज़मत-ए-क़ुर्बानी" प्रोग्राम इख़्तेताम पज़ीर
ऑल इंडिया मुस्लिम सोसाइटी के ज़ेर-ए-अहतेमाम पहली मर्तबा मुनअक़िद होने वाला 7 रोज़ा "अज़मत-ए-क़ुर्बानी" प्रोग्राम कामयाबी के साथ इख़्तेताम पज़ीर हो गया। यह प्रोग्राम यकुम ज़िल-हिज्जा से सात ज़िल-हिज्जा तक मस्जिद इब्राहीमी आग़ा मीर लखनऊ में जारी रहा, जिसमें मुख्तलिफ़ उलमा-ए-केराम ने क़ुर्बानी की फ़ज़ीलत, इस्लामी शआर, इख़्लास, सहाबा-ए-केरामؓ के मक़ाम और उम्मत की ज़िम्मेदारियों पर ख़िताब फ़रमाया। प्रोग्राम में बड़ी तादाद में मर्द व ख़वातीन शरीक रहे।
पहले दिन मौलाना जहांगीर आलम क़ासमी साहब सदर फ़लाह-ए-दारैन लखनऊ ने हुज़ूर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के औसाफ़ व कमालात और मक़ाम व मर्तबा को बयान करते हुए अज़मत-ए-क़ुर्बानी और दीनी शआर की अहमियत पर ख़िताब किया, जबकि दो दिन मुसलसल मौलाना सलमान सिद्दीक़ी नदवी साहब ने ईमान, इबादत, क़ुर्बानी, फ़ज़ीलत-ए-अशरा ज़िल-हिज्जा और इस्लाह-ए-मुआशरा के मुख्तलिफ़ मौज़ूआत पर मुफ़ीद गुफ़्तगू फ़रमाई। इसके बाद मुसलसल तीन दिनों तक डॉक्टर मुफ़्ती मोहम्मद इदरीस साहब ने क़ुर्बानी के मक़ासिद और इसके पैग़ाम और मौजूदा हालात में मुसलमानों की दीनी ज़िम्मेदारियों पर रोशनी डाली।
इख़्तेतामी नशस्त से ख़िताब करते हुए मौलाना जहांगीर क़ासमी साहब ने क़ुरआन करीम की आयत $قُلْ إِنَّ صَلَاتِي وَنُسُكِي وَمَحْيَايَ وَمَمَاتِي لِلَّهِ رَبِّ الْعَالَمِينَ$ (क़ुल इन्ना सलाती व नुसुकी व मह्याया व ममाती लिल्लाही रब्बिल आलमीन) की तशरीह करते हुए फ़रमाया कि मुसलमान की पूरी ज़िंदगी अल्लाह की रज़ा के लिए होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि हमारी दीनी ख़िदमात का रुख़ भी ख़ालिस रज़ा-ए-इलाही के लिए होना चाहिए। मौलाना ने क़ुर्बानी के अहम् मसाइल बयान करते हुए सहाबा-ए-केरामؓ के डिफ़ा में भी मुदल्लल गुफ़्तगू फ़रमाई, उन्होंने कहा कि सहाबा केराम हमारे लिए सितारे के मिस्ल हैं हमें उनकी इत्तेबा करनी चाहिए, उनके आपस के इख़्तेलाफ़ात भी उम्मत के लिए रहमत हैं।
प्रोग्राम में ऑल इंडिया मुस्लिम इंटेलेक्चुअल सोसाइटी के जनरल सेक्रेटरी जनाब डॉक्टर अम्मार अनीस नग्रामी साहब व सेक्रेटरी डॉक्टर मुफ़्ती मोहम्मद इदरीस साहब, जनाब मोहम्मद मुख्तार क़ासमी साहब, हाफ़िज़ मोहम्मद अदील सिद्दीक़ी साहब, जनाब हम्माद नग्रामी साहब, जनाब अहमद नग्रामी साहब, जनाब हाजी कमाल साहब, जनाब एडवोकेट सुहैल साहब, जनाब मोहम्मद ज़ाहिद साहब, जनाब मोहम्मद मुशर्रफ़ साहब, जनाब अह़्मर सिद्दीक़ी साहब समेत दीगर ज़िम्मेदारान शरीक रहे।
अख़ीर में अपने मुल्क हिंदुस्तान और पूरे आलम के अमन व अमान और ख़ास तौर पर फ़िलिस्तीन के मज़लूम मुसलमानों के लिए दुआ हुई।
हज्जाज-ए-केराम के अमन व अमान और पुर-सुकून हज के अरकान की अदायगी के लिए ख़ुसूसी दुआ की गई।
ऑल इंडिया मुस्लिम इंटेलेक्चुअल सोसाइटी के जनरल सेक्रेटरी डॉक्टर नग्रामी ने तमाम उलमा-ए-केराम का ख़ुसूसी तौर पर शुक्रिया अदा किया कि उन्होंने अपने क़ीमती लम्हात को उम्मत की रहनुमाई के लिए निकाला और प्रोग्राम में शरीक हुए। इसी तरह उन तमाम मर्द व ख़वातीन का भी शुक्रिया अदा किया जिन्होंने इस जलसे में शरीक होकर इसको कामयाब बनाया। उन्होंने यह भी कहा कि हम अल्लाह से दुआ करते हैं कि अल्लाह तआला यह मुबारक जलसा हर साल जारी रखे और लोगों को इससे फ़ायदा पहुँचता रहे।