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मटकोबेड़ा की दीदियां लिख रहीं आत्मनिर्भरता की नई कहानी, बना रहीं पलाश नोटबुक

चाईबासा: पश्चिमी सिंहभूम जिले के खूंटपानी प्रखंड में जेएसएलपीएस से जुड़ी महिलाओं ने आत्मनिर्भरता की मिसाल पेश की है। मटकोबेड़ा संकुल संगठन की दीदियां अब “पलाश नोटबुक” बनाकर अपनी अलग पहचान बना रही हैं।

महिलाओं ने सीएलएफ से 10 लाख रुपये का ऋण लेकर नोटबुक निर्माण केंद्र की स्थापना की और आज प्रतिदिन लगभग 1000 नोटबुक का उत्पादन कर रही हैं।

शुरुआती दौर में मशीन संचालन और उत्पादन प्रक्रिया में कई चुनौतियां सामने आईं, लेकिन रांची से आए विशेषज्ञों द्वारा तीन चरणों में दिए गए प्रशिक्षण ने इन महिलाओं को कुशल उद्यमी बना दिया। अब ये दीदियां बेहतर गुणवत्ता की नोटबुक तैयार कर स्कूलों और बाजारों तक पहुंचा रही हैं।

उपायुक्त मनीष कुमार ने इस पहल को महिला सशक्तिकरण का उत्कृष्ट उदाहरण बताते हुए लोगों से पलाश नोटबुक खरीदने की अपील की। उन्होंने कहा कि सही मार्गदर्शन और अवसर मिलने पर महिलाएं आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनकर समाज की प्रगति में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं।

संकुल संगठन की सदस्य रोमा गोडसरे ने बताया कि शुरुआत में कम मुनाफे पर उत्पाद बेचे गए, लेकिन अब “पलाश नोटबुक” एक भरोसेमंद ब्रांड बनता जा रहा है। वहीं डीपीएम अशियानी मारकी ने बताया कि इन उत्पादों को राज्य स्तरीय सरस मेले समेत कई आयोजनों में सराहना मिल चुकी है।

आज ये महिलाएं न सिर्फ परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत कर रही हैं, बल्कि समाज में महिला उद्यमिता की नई पहचान भी बना रही हैं।

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