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मुख्यमंत्री MYogiAdityanath जी ने लखनऊ में कारागार विभाग की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि जेलों को केवल बंदी रखने का स्थान नहीं, बल्कि सुधार, पुनर्वास औ

मुख्यमंत्री MYogiAdityanath जी ने लखनऊ में कारागार विभाग की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि जेलों को केवल बंदी रखने का स्थान नहीं, बल्कि सुधार, पुनर्वास और कौशल विकास के प्रभावी केंद्र के रूप में विकसित किया जाए।

मुख्यमंत्री जी ने निर्देश दिए कि प्रदेश की सभी जेलों में सुरक्षा, स्वच्छता, स्वास्थ्य सेवाओं, तकनीकी सुदृढ़ीकरण और बंदियों के पुनर्वास से जुड़ी व्यवस्थाओं को और बेहतर बनाया जाए। उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीक और सुधारात्मक गतिविधियों के माध्यम से कारागारों को नई पहचान दी जाए।

मुख्यमंत्री जी ने ‘ओपन जेल’ की परिकल्पना को उपयोगी बताते हुए विशेष कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि केवल पेशेवर अपराधी और माफिया तत्वों को जेलों में रखने की आवश्यकता है, जबकि छोटे अपराधों के मामलों में सुधारात्मक दृष्टिकोण अपनाया जाना चाहिए। मुख्यमंत्री जी ने 75 वर्ष से अधिक आयु के कैदियों, असाध्य रोगों से ग्रस्त बंदियों, बच्चों के साथ जेल में रह रही महिला बंदियों तथा जमानत राशि जमा न कर पाने वाले कैदियों की सूची तैयार करने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री जी ने जेलों में ओवरक्राउडिंग कम करने के लिए निर्माणाधीन परियोजनाओं को समयबद्ध रूप से पूरा करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री जी ने बहुमंजिला जेलों के निर्माण को प्राथमिकता देने के निर्देश भी दिए।

मुख्यमंत्री जी ने कहा कि जेलों की सुरक्षा व्यवस्था से किसी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं होगा। उन्होंने तकनीक आधारित निगरानी प्रणाली को और मजबूत बनाने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री जी ने बंदियों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए कौशल विकास और उत्पादन गतिविधियों को बढ़ावा देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सुधारात्मक प्रयासों के माध्यम से बंदियों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ना सरकार की प्राथमिकता है।

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