रायपुर एयरपोर्ट पर हाई अलर्ट: वैश्विक इबोला संकट को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग मुस्तैद, विदेश से आने वाले यात्रियों की होगी कड़ी स्क्रीनिंग
रायपुर। वैश्विक स्तर पर घातक इबोला संक्रमण के बढ़ते मामलों और वैश्विक स्वास्थ्य चिंताओं को देखते हुए छत्तीसगढ़ सरकार और स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गए हैं। राजधानी रायपुर के स्वामी विवेकानंद एयरपोर्ट (माना) पर संक्रमण की रोकथाम और त्वरित पहचान के लिए विशेष सर्विलांस और हाई अलर्ट लागू कर दिया गया है।
स्वास्थ्य विभाग ने एयरपोर्ट प्रबंधन के साथ मिलकर बाहर से आने वाले, विशेषकर अंतर्राष्ट्रीय यात्रा इतिहास (International Travel History) वाले यात्रियों की सघन निगरानी और स्क्रीनिंग के कड़े निर्देश जारी किए हैं।
एयरपोर्ट पर नोडल अधिकारियों की तैनाती
मामले की गंभीरता को देखते हुए रायपुर एयरपोर्ट पर डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ की विशेष टीमों को तैनात किया गया है। इसके साथ ही वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारियों को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है, जो सीधे स्वास्थ्य महानिदेशालय को पल-पल की रिपोर्ट सौंपेंगे।
गाइडलाइंस के मुख्य बिंदु:
थर्मल स्क्रीनिंग और संदिग्धों की पहचान: देश के बड़े महानगरों (जैसे दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु) से कनेक्टिंग फ्लाइट्स के जरिए रायपुर पहुंचने वाले ऐसे यात्री जिन्होंने हाल ही में अफ्रीकी या अन्य प्रभावित देशों की यात्रा की है, उनकी अनिवार्य थर्मल स्क्रीनिंग की जा रही है।
लक्षण दिखने पर आइसोलेशन: यदि किसी भी यात्री में तेज बुखार, अत्यधिक कमजोरी, मांसपेशियों में दर्द, सिरदर्द या उल्टी जैसे शुरुआती लक्षण पाए जाते हैं, तो उन्हें तुरंत एयरपोर्ट पर बने अस्थाई होल्डिंग एरिया में आइसोलेट किया जाएगा।
अस्पतालों को निर्देश: रायपुर के मेकाहारा (डॉ. भीमराव अंबेडकर अस्पताल) और एम्स (AIIMS) को भी अलर्ट पर रखा गया है, ताकि किसी भी संदिग्ध मरीज को तुरंत लाकर विशेष आइसोलेशन वार्ड में इलाज दिया जा सके।
पैनिक न होने की अपील
स्वास्थ्य विभाग के आला अधिकारियों के मुताबिक, यह कदम पूरी तरह से एहतियातन (प्रिकॉशनरी) उठाया गया है। प्रदेश में वर्तमान में इबोला का एक भी संदिग्ध मामला नहीं है। जनता से अपील की गई है कि वे किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न दें। एयरपोर्ट पर सुरक्षा और स्वास्थ्य मानकों का पालन करने में प्रशासन का सहयोग करें।