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सिंगरौली महोत्सव 2026 सुरमयी शाम और लोक कलाओं के अनूठे संगम के साथ संपन्न हुआ महोत्सव

सिंगरौली महोत्सव 2026 सुरमयी शाम और लोक कलाओं के अनूठे संगम के साथ संपन्न हुआ महोत्सव का अंतिम दिन

सिंगरौली जिला प्रशासन द्वारा आयोजित 'सिंगरौली महोत्सव एवं नगर गौरव दिवस 2026' के अंतिम दिन सांस्कृतिक कार्यक्रमों की ऐसी अविरल धारा बही कि पूरा सिंगरौली नगर सुरों और ताल की लहरियों में सराबोर हो गया। महोत्सव का समापन दिवस विशेष रूप से संगीत और लोक कलाओं को समर्पित रहा, जहाँ स्थानीय कलाकारों की प्रतिभा और राष्ट्रीय स्तर के गायकों के कौशल का अद्भुत समन्वय देखने को मिला।

कार्यक्रम की अंतिम शाम का मुख्य आकर्षण 'संगीत संध्या' रही, जहाँ बॉलीवुड की ख्याति प्राप्त पार्श्व गायिका भूमि त्रिवेदी ने अपने पावर-पैक परफॉरमेंस से मंच पर ऊर्जा भर दी। उन्होंने अपने लोकप्रिय गीतों की श्रृंखला पेश कर दर्शकों को थिरकने पर मजबूर कर दिया। वहीं सिंगरौली के अपने लाडले गायक अनिल श्रीवास्तव ने अपनी सुरीली आवाज और दिलकश गायकी के साथ स्थानीय दर्शकों से सीधा संवाद स्थापित किया। उन्होंने सदाबहार गीतों **"एक हसीना थी एक दीवाना था"**, **"ओ मेरे दिल के चैन"** और **"मेरे सामने वाली खिड़की में एक चाँद का टुकड़ा रहता है"** की शानदार प्रस्तुतियां देकर समां बांध दिया। उनकी इन सदाबहार प्रस्तुतियों के दौरान पूरा परिसर तालियों की गड़गड़ाहट से गूँज उठा।

महोत्सव के मंच ने क्षेत्रीय कलाकारों को अपनी जड़ों से जुड़ने और अपनी कला को प्रदर्शित करने का भरपूर अवसर प्रदान किया। कार्यक्रम की शुरुआत रितिका जायसवाल के राजस्थानी नृत्य के साथ हुई, जिसमें राजस्थानी संस्कृति की भव्यता दिखाई दी। इसके पश्चात श्वेती पाण्डेय और अंशुमान मिश्रा ग्रुप ने बघेलखंडी और अन्य आंचलिक लोकगीतों के माध्यम से माटी की सोंधी महक बिखेरी। सामाजिक सरोकारों को जोड़ते हुए पल्लवी ग्रुप ने 'जोही कोखे बेटा जन्मे, ओही कोखे बिटिया' जैसे मार्मिक गीतों की प्रस्तुति दी, जिसने न केवल मनोरंजन किया बल्कि समाज को एक सकारात्मक संदेश भी दिया।

इसी क्रम में मुस्कान पटेल ने अपनी सूफी गायकी से आध्यात्मिक वातावरण निर्मित किया, जबकि दीपक कुमार पासवान और बलविंदर सिंह ने पंजाबी और सुगम संगीत के मेल से युवाओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। देर रात तक चले इस सांस्कृतिक महाकुंभ ने सिंगरौली की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को एक नया मंच प्रदान किया। स्थानीय कलाकारों ने अपनी गायकी और नृत्य विधाओं से यह साबित कर दिया कि क्षेत्र की प्रतिभा किसी भी स्तर पर पीछे नहीं है। समापन दिवस पर उमड़ी भारी भीड़ ने इस बात पर मुहर लगा दी कि सिंगरौली की जनता कला और संगीत की अनुरागी है, और इन प्रस्तुतियों ने 'नगर गौरव दिवस' के आयोजन को एक यादगार अनुभव बना दिया।

कार्यक्रम के समापन अवसर पर सिंगरौली विधायक रामनिवास शाह, नगर निगम अध्यक्ष देवेश पांडे, कलेक्टर गौरव बैनल, कलेक्टर की धर्मपत्नी श्रीमती ममता पुलिस अधीक्षक सियाज के. एम. एवं भाजपा जिला अध्यक्ष सुन्दर लाल शाह सहित जिले के अन्य जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी और बड़ी संख्या में आमजन उपस्थित रहे।

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