कोमाखान: चितरंजन हत्या मामले में दो आरोपियों की गिरफ्तारी
मर्डर को एक्सीडेंट बताने की थी खौफनाक प्लानिंग, लेकिन बच नहीं पाए दरिंदे; चितरंजन को इंसाफ दिलाने 'तीखी नज़र' की बड़ी मुहिम
BY HDP 25 MAY 2026
बागबाहरा/कोमाखान (महासमुंद)
दो दिन पहले जब पूरा कोमाखान एक बेबस माँ के आंसुओं और सिस्टम की सुस्ती के खिलाफ 'अर्थी' लेकर खड़ा हुआ था, तब 'तीखी नज़र' ने साफ कहा था—न्याय मिलने तक यह लड़ाई जारी रहेगी। आज उस तीखी आवाज़ और ग्रामीणों के भारी आक्रोश का असर धरातल पर दिखने लगा है। पुलिस ने न सिर्फ अपनी सुस्ती छोड़ी, बल्कि हत्यारों की उस खौफनाक साजिश की धज्जियां उड़ा दीं, जिसे वे 'रोड एक्सीडेंट' का नाम देकर कानून की आँखों में धूल झोंकने की कोशिश कर रहे थे।
23 वर्षीय होनहार युवक चितरंजन पटेल की मौत के बाद जागे पुलिस प्रशासन ने मामले में हत्या की संगीन धाराएं जोड़ते हुए दो मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल की सलाखों के पीछे भेज दिया है।
15 अप्रैल की वो खौफनाक रात: रंजिश, साजिश और जानलेवा हमला
पुलिसिया तफ्तीश और आरोपियों के कबूलनामे से जो सच निकलकर सामने आया है, वो रूह कंपा देने वाला है। मामला पुरानी रंजिश और बदले की भावना का था। 15 अप्रैल 2026 की रात, जब चितरंजन अपनी मोटरसाइकिल से लौट रहा था, तभी लामीसरार मुर्गी फार्म मोड़ के पास घात लगाए बैठे टोंगोंपानी निवासी दीपेश साहू, कुंजन साहू और उनके एक अन्य साथी ने उसका रास्ता रोक लिया।
चितरंजन को घसीटते हुए कब्रिस्तान के पास ले जाया गया, जहाँ तीनों ने लाठी-डंडों से उस पर तब तक प्राणघातक वार किए, जब तक कि वह लहूलुहान होकर बेहोश नहीं हो गया।
साजिश ऐसी कि कानून भी चकमा खा जाए:
चितरंजन को अधमरा करने के बाद आरोपियों ने अपनी क्रूरता को छिपाने के लिए एक शातिर पटकथा रची। उन्होंने चितरंजन की मोटरसाइकिल को पत्थरों से कुचला और उसे एक बिजली के खंभे के पास फेंक दिया, ताकि दुनिया और पुलिस इसे एक साधारण 'रोड एक्सीडेंट' समझे।
मौत से 37 दिनों का संघर्ष और फिर सिस्टम के खिलाफ बगावत
हमले के बाद चितरंजन करीब एक महीने से ज्यादा समय तक अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच झूलता रहा। 22 मई को इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया। चितरंजन की मौत की खबर मिलते ही कोमाखान थाने के बाहर आक्रोश का जो सैलाब उमड़ा, उसने कोमाखान/बागबाहरा (महासमुंद): 23 वर्षीय युवक चितरंजन पटेल की हत्या के मामले में पुलिस ने दो मुख्य आरोपियों दीपेश साहू औ