कटेरा में जैन माताओं की मौत पर मौन जुलूस निकाला गया
संवाददाता- भूपेन्द्र गुप्ता
कटेरा (झांसी)। मध्य प्रदेश के रीवा में सड़क हादसे में दो जैन आर्यिका माताओं की मौत के बाद सोमवार को कटेरा में जैन समाज का आक्रोश खुलकर सामने आया। समाज के लोगों ने नगर में मौन जुलूस निकालकर घटना के प्रति विरोध जताया और प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर मामले की सीबीआई जांच सहित संत सुरक्षा कानून लागू करने की मांग उठाई। जुलूस के दौरान नगर में कुछ देर के लिए बंद जैसा माहौल दिखाई दिया और लोग हाथों में तख्तियां लेकर शांतिपूर्वक आगे बढ़ते रहे।
सोमवार सुबह करीब 8 बजे जैन समाज के लोग नगर के मैन बाजार में एकत्रित हुए। यहां आर्यिका माताओं को श्रद्धांजलि अर्पित करने के बाद मौन जुलूस शुरू किया गया। जुलूस मैन बाजार, प्रमुख मार्गों और चौराहों से होता हुआ थाना कटेरा पहुंचा। इस दौरान समाज के लोग पूरी तरह शांत रहे और घटना के विरोध में मौन रखकर न्याय की मांग करते रहे। थाना परिसर पहुंचने पर थाना प्रभारी निरीक्षक अमीराम सिंह को प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन सौंपा गया।
जैन समाज के नरेन्द्र जैन ने बताया कि रीवा में कलेक्ट्रेट कार्यालय के पास सड़क किनारे चल रही आर्यिका माता श्रुतिमति और आर्यिका माता उपशममति को तेज रफ्तार कार ने टक्कर मार दी थी। हादसे में दोनों माताओं की मौके पर ही मौत हो गई थी। घटना के बाद पूरे देश में जैन समाज में आक्रोश व्याप्त है। उन्होंने कहा कि संत समाज की सुरक्षा को लेकर सरकार को गंभीर कदम उठाने चाहिए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाएं दोबारा न हों।
ज्ञापन में मांग की गई कि हादसे की निष्पक्ष उच्च स्तरीय जांच कराई जाए और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। साथ ही देशभर में संतों की सुरक्षा के लिए विशेष प्रोटोकॉल लागू किया जाए। जैन समाज ने राष्ट्रीय संत सुरक्षा नीति बनाए जाने, संतों के विरुद्ध अपराधों को विशेष संवेदनशील श्रेणी में शामिल करने और मामले की सीबीआई जांच कराने की भी मांग रखी।
मौन जुलूस और प्रदर्शन में नरेन्द्र जैन, खेमचन्द्र जैन, नीरज जैन, आदर्श जैन, रविन्द्र जैन, मनोज कुमार जैन, सुधीर जैन, जिनेन्द्र जैन, डालचन्द्र जैन, विजय जैन, राजकुमार जैन, राजेश जैन, पुष्पेन्द्र जैन, प्रिंस जैन, पारस जैन, विकल्प जैन, नमन जैन, शैलेश जैन, प्रशान्त जैन, रूपेश जैन, रिंकू जैन, मुकेश जैन, धर्मचन्द जैन, प्रदीप जैन, पिंकी जैन, रेखा जैन, नैनी जैन, राशि जैन, सोनू जैन, मंजूलता जैन, सपना जैन, जयंती जैन, संगीता जैन, सारिका जैन, ज्योति जैन, सुलोचना जैन, सुधा जैन, अर्चना जैन, पन्नालाल तोमर, अरविन्द्र बुन्देला, भूपेन्द्र गुप्ता, महादेव भास्कर, अभिमन्यु स्वर्णकार और जग्गी नीखरा, कमलेश नीखरा, रामदास राजपूत सहित बड़ी संख्या में जैन समाज के लोग व स्थानीय नागरिक मौजूद रहे।