logo
Select Language
Hindi
Bengali
Tamil
Telugu
Marathi
Gujarati
Kannada
Malayalam
Punjabi
Urdu
Oriya

पेट्रोल 100 के पार: 10 दिनों में चौथी बढ़ोतरी, आम आदमी पर महंगाई का डबल अटैक

देश में एक बार फिर पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों ने आम आदमी की कमर तोड़नी शुरू कर दी है। सरकारी तेल कंपनियों ने सोमवार को लगातार चौथी बार ईंधन के दाम बढ़ा दिए। ताजा बढ़ोतरी के बाद दिल्ली में पेट्रोल 102.12 रुपये प्रति लीटर और डीजल 95.20 रुपये प्रति लीटर पहुंच गया है।

सिर्फ 10 दिनों में पेट्रोल-डीजल के दामों में चार बार वृद्धि हो चुकी है। सोमवार को पेट्रोल में 2.61 रुपये और डीजल में 2.71 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई। इससे पहले 15 मई को भी 3-3 रुपये प्रति लीटर तक दाम बढ़ाए गए थे। लगातार हो रही इस बढ़ोतरी ने महंगाई की आग में घी डालने का काम किया है।

सवालों के घेरे में सरकार:
देश में लंबे समय से पेट्रोल-डीजल को लेकर जनता राहत की उम्मीद करती रही, लेकिन हर बार तेल कंपनियों की “मजबूरी” और अंतरराष्ट्रीय बाजार का हवाला देकर कीमतें बढ़ा दी जाती हैं। जबकि विपक्ष और आर्थिक विशेषज्ञ लगातार सवाल उठा रहे हैं कि जब अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें पहले कम हुई थीं, तब जनता को उसी अनुपात में राहत क्यों नहीं मिली?

विशेषज्ञों का मानना है कि पेट्रोल और डीजल पर केंद्र एवं राज्य सरकारों द्वारा लगाए जाने वाले भारी टैक्स भी कीमतों को आसमान तक पहुंचाने में बड़ी भूमिका निभाते हैं। भारत अपनी जरूरत का करीब 85 प्रतिशत कच्चा तेल आयात करता है, लेकिन टैक्स स्ट्रक्चर के कारण आम उपभोक्ता को वैश्विक कीमतों से कहीं अधिक बोझ उठाना पड़ता है।

महंगाई की नई लहर का खतरा:
ईंधन महंगा होने का असर केवल वाहन चलाने वालों तक सीमित नहीं रहता। ट्रांसपोर्ट लागत बढ़ने से खाद्य पदार्थ, सब्जियां, दूध, निर्माण सामग्री और रोजमर्रा की जरूरत की चीजें भी महंगी होने लगती हैं। यानी पेट्रोल-डीजल की यह बढ़ोतरी सीधे आम आदमी की रसोई और जेब दोनों पर हमला है।

सोशल मीडिया पर भी लोग सरकार की नीतियों को लेकर नाराजगी जाहिर कर रहे हैं। कई लोगों का कहना है कि चुनावी मंचों पर महंगाई कम करने के वादे किए जाते हैं, लेकिन जमीनी हकीकत इसके उलट दिखाई देती है।

विशेषज्ञ चेतावनी दे रहे हैं कि यदि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों और भू-राजनीतिक तनाव में कमी नहीं आई, तो आने वाले दिनों में जनता को और महंगे पेट्रोल-डीजल के लिए तैयार रहना पड़ सकता है।

21
9810 views

Comment