नेतागिरी चमकाने के चक़्कर में पुलिस लोकसेवकों क़ो व्यक्तिगत अपराधी सँग बदनाम करने का चलन...
नेतागिरी चमकाने के चक़्कर में पुलिस लोकसेवकों क़ो व्यक्तिगत अपराधी सँग बदनाम करने का दबाव बनाकर थाने में अपनी पैठ बनाके दलाली करने के उद्देश्य से सोशल मीडिया पर वायरल रिकॉर्डिंग में बच्चों से तस्करी कराने के आरोपी के साथ पुलिस लोकसेवक का चेहरा लगाकर बदनामीयत का खेला खेल रहे कथित संगठन पदाधिकारी,नेता, दलाल अपना उल्लू सीधा कर रहे हैं।
यह सच है कि ग्राम टिसुआ निवासी हारून खान उर्फ़ लला एक मादक पदार्थी तस्कर है। हारून बहुत बदतमीज़,चालाक है और सोशल मीडिया पर पुलिस के साथ एक भोकाली स्टैट्समैन क़ी छवि रखता है। पर्दे के पीछे असल में हारून एक अफीम तस्कर है। हारून अक्सर अपने गाँव में पुलिस ड्योटी में तैनात दरोगा सिपाहियों से अपना कृत्य छिपाकर व्यक्तिगत व्यवहारिक अच्छा व्यक्ति बनकर आमजन क़ी तरह मिलता झुलता रहता है। आजकल सोशल मीडिया पर ट्रेंड कॉकरोची नशा सेल्फी लेकर स्टेटस बढ़ाने,लाइक कमेंट पाने क़ी आदत में अपराधियों के साथ अच्छे लोग या अधिकतर लोकसेवक पुलिस सेल्फी में अक्सर उन बुरे लोंगो क़ी शिकार हो जाती है जो व्यवहार से अच्छे और पर्दे के पीछे अपराधी होते हैं.. जैसा कि अधिकतर हारून खान जैसे अपराधी युवा बहुतायत सोशल मीडिया पर पुलिस के साथ स्टेटस लगाकर आमजन क़ो ठगने, या अन्य कृत्य करने का कार्य करते हैं। ऐसे लोग आज एक ऐसी मानसिकता का गैंग बना लिए हैं कि कुछ लोकसेवकों सँग व्यवहारिक सेल्फी लेकर स्टेटस लगाकर आमजन क़ो ठगते हैं और ऐसे लोंगो के कृत्यों क़ी पोल खुलने पर दूसरी मानसिकता के कुछ दलचट्टे फिर लोकसेवक क़ो अपराधी सँग बदनामीयत में शिकार करके लोकसेवकों में अपनी पैठ बढ़ाते हैं.. दलाली भर मात्र..।जैसा कि लोकसेवक का अगर किसी व्यवहारिक मामले में किसी अपराध मानसिकता सँग फोटो सेल्फी दिख जाये और बाद में अपराधी क़ी पोल खुल जाये तो सबसे पहले उसके साथ जुड़े लोकसेवक क़ो टारगेट किया जाता है..और लोकसेवक क़ो अपराधी से जोड़कर दिखाया जाता है.. जबकि अपराधी पहले से ही छिपा व्यक्ति होता और उसकी ज़ब पोल खुलती तो वह बुरा व्यक्ति होता है। बस इसीबात का फ़ायदा दलाली क़ी दूसरी मानसिकता का स्टेटस संगठन पदाधिकारी सर उठाते नेता, चमकने के लिए लोकसेवक क़ो अपराधी सँग बदनाम करते। सिर्फ इसलिए कि लोकसेवक क़ो बदनाम करके उसके विभाग में अपनी पकड़ बनाने क़ी लालसा में...,खुद क़ी सेटिंग करने क़ी मनसा में,..यह सब मनगढ़त अपराधी सँग लोकसेवक क़ो जोड़कर उसकी छवि क़ो धूमिल करने का प्रयास करते हैं। यह दलाल संगठनों का बड़ा खेला है। क्योंकि व्यक्तिगत व्यवहार सेल्फी से आप किसी क़ो आरोपित या छवि धूमिल नहीं कर सकते.. अपराधी के कृत्यों का खुलासा करना ससाक्ष्य उचित है, न कि किसी लोकसेवक क़ो अपराधी के साथ बदनाम करना उचित है।
यह प्रोपोगोण्डा समाज में लोकसेवकों क़ो बदनाम करने उन्हें मानसिक प्रताड़ित करने, और लोकसेवक क़ी छवि धूमिल कर अपना प्रभुत्व दलाली क़ो स्थापित करना है। जोकि आज संगठन पदाधिकारी दलालों के स्टेटस का चलन बन गया है। आज हॉकर पत्रकारों, संगठन,नेता,दलालों का लोकसेवकों क़ो शोशलमीडिया पर बदनामी का डर दिखाकर अपना स्टेटस दलाली भोकाली क़ो बनाये रखने का प्रोपोगोण्डा एक अपराध व्यवसाय बन गया है..इस मानसिकता से लोकसेवक और और जनता दोनों ही परेशान हैं तथा अपराधी इस बदनामीयत का फ़ायदा उठाकर अदाक बच निकलते हैं.. जैसे हारून टिसुआ बच निकला है।
सदस्य आईमा मीडिया
काली स्याही 👉न्याय क़ी आवाज़
अधिवक्ता क़ी क़लम से..