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नोएडा: सरकारी स्कूलों की कमी से छात्राएं दूरी तय कर पढ़ाई करती हैं

नोएडा: इस क्षेत्र में सरकारी स्कूलों की संख्या आबादी के अनुपात में पर्याप्त नहीं है जबकि प्राइवेट स्कूलों की संख्या अधिक है। 1990 से यहां नए सरकारी स्कूल नहीं बने हैं और पुराने स्कूलों का विस्तार भी नहीं हुआ है। इसके कारण कई बच्चे, खासकर बच्चियां, पूर्वी दिल्ली से 10 किलोमीटर दूर सरकारी स्कूलों में पढ़ने आती हैं।

इस राज्य में जहां अपराधी तुरंत जेल में होते हैं, वहां इन गरीब और मजबूर बच्चियों की सुरक्षा और शिक्षा के लिए कोई खास व्यवस्था नहीं है। ऐसा माना जा रहा है कि सरकारी स्कूलों के सुधार नहीं होने का कारण नेताओं और उनके रिश्तेदारों के निजी स्कूलों की आर्थिक हितसंबंध हैं, जिससे सरकारी शिक्षा प्रणाली प्रभावित हो रही है।

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