logo
Select Language
Hindi
Bengali
Tamil
Telugu
Marathi
Gujarati
Kannada
Malayalam
Punjabi
Urdu
Oriya

देहरादून के डीएम बने उत्तराखंड के एक्शन अफसर: IAS आशीष चौहान। उत्तराखंड कैडर के 2012 बैच के IAS अधिकारी आशीष चौहान का नाम पिछले एक दशक में जमीनी अफसर

देहरादून के डीएम बने उत्तराखंड के ‘एक्शन अफसर’: IAS आशीष चौहान।
उत्तराखंड कैडर के 2012 बैच के IAS अधिकारी आशीष चौहान का नाम पिछले एक दशक में “जमीनी अफसर” के तौर पर उभरा है। आशीष चौहान ने IIT कानपुर से इंजीनियरिंग की और सिविल सेवा में आने से पहले कॉरपोरेट जगत में भी काम किया। पर पहाड़ की मिट्टी से उनका लगाव उन्हें उत्तराखंड खींच लाया।
IIT कानपुर: B.Tech, कंप्यूटर साइंस ,UPSC 2011 में 89वीं रैंक के साथ IAS बने।
वहीं एक ऐसे अधिकारी हैं जो गढ़वाली बोलने में भी सहज नजर आते हैं!!
आशीष चौहान की कार्यशैली ऐसी जानी जाती है कि वो ‘फाइल से ज्यादा फील्ड’ का सिद्धांत अपनाते हैं!! आम जनता से रूबरू होकर उनकी समस्याओं को जानते हैं और समाधान की दिशा में आगे बढ़ते हैं।
आशीष चौहान की पहचान एक “फील्ड अफसर” की है। DM पिथौरागढ़ रहते हुए 2022 में सुबह 6 बजे जिला अस्पताल पहुंचे। 11 डॉक्टर गायब मिले, तुरंत सारे सस्पेंड कर दिए।

आशीष चौहान बीटेक में अव्वल रहने की वजह से उनकी कार्यशैली में टेक्नोलॉजी और ट्रेडिशन का मिश्रण दिखाई देता है!! चमोली में “हिम-प्रहरी ऐप” लॉन्च किया जिससे पलायन रोकने के लिए मनरेगा में लोकल युवाओं को जोड़ा गया।
वहीं हरिद्वार में ADM रहते कुंभ 2021 में फर्जी कोविड टेस्ट रैकेट का भंडाफोड़ कर 4 अधिकारी निलंबित करवाए।

आशीष चौहान जनता दरबार नहीं, जनता के द्वार पहुंचने के लिए जाने जाते हैं !! टिहरी में DM रहते हर शनिवार किसी एक दूरस्थ गांव में चौपाल लगाते थे!! “DM साहब खुद हमारे द्वारा आए” कहकर बुजुर्ग आज भी उन्हें याद करते हैं। 2023 जोशीमठ भू-धंसाव में 72 घंटे ग्राउंड पर रहकर 3000 लोगों का सुरक्षित रेस्क्यू करवाया। जिसके बाद PMO ने रिपोर्ट में तारीफ की।
2021-2023 में DM पिथौरागढ़ रहते हुए ऑपरेशन ‘सीमांत सशक्तिकरण’ के तहत चीन-नेपाल सीमा के 47 गांवों में पहली बार मोबाइल नेटवर्क, सड़क और स्कूल पहुंचाया।

आदि कैलाश यात्रा को ऑनलाइन परमिट से जोड़ा जिसके बाद 2 साल में यात्री 300% बढ़े और लोकल होम-स्टे की आय दोगुनी हुई।

DM टिहरी रहते हुए टिहरी झील को लेकर नया सकारात्मक बदलाव लाते हुए 1500 महिलाओं का “जल-सखी समूह” बनाया जिसके बाद झील में बोटिंग से हर परिवार को ₹8000/माह अतिरिक्त आय।

“मेरा गांव-मेरा देश” कैंपेन से 300 युवा वापस लौटे और मशरूम-पॉलीहाउस लगाए जो आज भी स्वरोजगार से जुड़े हैं ।कुल मिलाकर देहरादून जिले को आशीष चौहान के रुप में एक ऐसे डीएम मिले हैं जो कुछ न कुछ रचनात्मक और सकारात्मक करेंगे। जिससे देहरादून की जनता को लाभ मिलेगा

सांभर सोशल मीडिया

2
764 views

Comment