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जनपद में महिलाओं के विरुद्ध छेड़खानी असली हरकतें साइबर अपराध आदि पर जीरो टॉलरेंस की नीति --+---एसपी बागपत सूरज कुमार राय

*जिले के पुलिस कप्तान (SP) सूरज कुमार और वरिष्ठ पत्रकार डॉ. धर्मेंद्र तोमर के बीच हुई एक तीखी, सार्थक और सामयिक बातचीत (इंटरव्यू) को प्रश्नोत्तरी के रूप में प्रस्तुत किया जा रहा है:---

"अपराध मुक्त जिला और पारदर्शी पुलिसिंग हमारी प्राथमिकता"

पुलिस कप्तान सूरज कुमार से वरिष्ठ पत्रकार डॉ. धर्मेंद्र तोमर की सीधी बातचीत:-
भूमिका: जिले की कानून व्यवस्था, बढ़ते साइबर अपराध और पुलिस की छवि को लेकर आम जनता के जेहन में कई सवाल हैं। इन तमाम मुद्दों पर वरिष्ठ पत्रकार डॉ. धर्मेंद्र तोमर ने जिले के नवागत पुलिस कप्तान (SP) सूरज कुमार से बेबाक बातचीत की। प्रस्तुत हैं इस इंटरव्यू के मुख्य अंश:-

डॉ. धर्मेंद्र तोमर: कप्तान साहब, जिले की कमान संभालते ही आपकी प्राथमिकताएं क्या हैं? जनता को आपकी पुलिसिंग से क्या उम्मीद रखनी चाहिए?

एसपी सूरज कुमार: तोमर जी, मेरी सबसे पहली प्राथमिकता जिले में भयमुक्त वातावरण बनाना और कानून का राज स्थापित करना है। जनता और पुलिस के बीच जो एक दूरी या हिचक होती है, उसे कम करना है। मैं चाहता हूँ कि कोई भी पीड़ित जब थाने आए, तो उसे न्याय का भरोसा मिले, न कि डर।

डॉ. धर्मेंद्र तोमर: अक्सर देखा जाता है कि थानों में छोटे मामलों में भी सुनवाई समय पर नहीं होती। आम आदमी सीधे आपसे मिलने मुख्यालय भागता है। इस 'थाना स्तर के गतिरोध' को आप कैसे दूर करेंगे?

एसपी सूरज कुमार: आपका यह सवाल बिल्कुल सही है और यह एक व्यावहारिक समस्या है। इसके लिए हमने 'थाना दिवस' और 'सिटिजन फीडबैक सिस्टम' को अनिवार्य कर दिया है। अब हर थाने में आने वाली शिकायतों का एक डिजिटल रिकॉर्ड होगा। अगर किसी शिकायत का निस्तारण तय समय सीमा (7 दिन) के भीतर नहीं हुआ, तो संबंधित थाना प्रभारी को मुझे सीधे जवाब देना होगा। जवाबदेही तय किए बिना पुलिसिंग नहीं सुधर सकती।

डॉ. धर्मेंद्र तोमर: आजकल पारंपरिक अपराधों (जैसे चोरी, डकैती) से ज्यादा पैर पसार रहा है 'साइबर क्राइम'। लोग एक क्लिक पर अपनी जीवनभर की कमाई गंवा रहे हैं। इससे निपटने के लिए आपकी क्या रणनीति है?
एसपी सूरज कुमार: साइबर अपराध वाकई आज की सबसे बड़ी चुनौती है। अपराधी तकनीक का इस्तेमाल कर रहे हैं, इसलिए पुलिस को उनसे दो कदम आगे रहना होगा।
हम जिले में एक हाईटेक 'साइबर सेल' को अपग्रेड कर रहे हैं।
हर थाने से दो पुलिसकर्मियों को विशेष रूप से साइबर इनवेस्टिगेशन की ट्रेनिंग दी जा रही है।
लेकिन सबसे जरूरी है जागरूकता। हम स्कूलों, कॉलेजों और सोशल मीडिया के माध्यम से 'साइबर सेफ़्टी' अभियान चला रहे हैं। यदि किसी के साथ फ्रॉड होता है, तो वे तुरंत 1930 पर कॉल करें, ताकि पैसे होल्ड किए जा सकें।
डॉ. धर्मेंद्र तोमर: युवाओं में बढ़ता नशे का चलन जिले के लिए एक नासूर बनता जा रहा है। छोटे-मोटे अपराधों के पीछे भी नशा एक बड़ी वजह है। इस सिंडिकेट को तोड़ने के लिए क्या योजना है?
एसपी सूरज कुमार: नशे के खिलाफ हमारी नीति 'जीरो टॉलरेंस' की है। मैंने साफ निर्देश दिए हैं कि सिर्फ पुड़िया बेचने वाले छोटे पेडलर्स को पकड़कर खानापूर्ति न की जाए, बल्कि उस 'सप्लाई चेन' के मुखिया तक पहुँचा जाए जो बाहर से नशा जिले में ला रहे हैं। इसके साथ ही, हम भटके हुए युवाओं की काउंसलिंग के लिए सामाजिक संस्थाओं के साथ मिलकर 'नशामुक्ति परामर्श केंद्र' भी शुरू कर रहे हैं।
डॉ. धर्मेंद्र तोमर: कप्तान साहब, एक कड़वा सवाल। पुलिस पर अक्सर राजनीतिक दबाव या भ्रष्टाचार के आरोप लगते हैं, जिससे पुलिस की छवि धूमिल होती है। आप अपने महकमे को इन दागों से कैसे बचाएंगे?
एसपी सूरज कुमार: (मुस्कुराते हुए) तोमर जी, जहां काम होता है, वहां सवाल भी उठते हैं। मेरा मानना है कि अगर आपकी नीयत साफ है और आप कानून के दायरे में रहकर काम कर रहे हैं, तो कोई भी 'दबाव' आपको डिगा नहीं सकता। रही बात भ्रष्टाचार की, तो मेरे महकमे में अगर कोई भी अधिकारी या कर्मचारी दोषी पाया गया, तो उस पर सस्पेंशन नहीं, बल्कि सीधे विभागीय जांच और बर्खास्तगी की कार्रवाई होगी। वर्दी की धमक अपराधियों पर होनी चाहिए, आम जनता पर नहीं।
डॉ. धर्मेंद्र तोमर: एक अंतिम सवाल, जिले की जनता और खासकर महिलाओं व बेटियों की सुरक्षा के लिए आपका क्या संदेश है?
एसपी सूरज कुमार: जिले की सभी माताओं, बहनों और बेटियों से मैं कहना चाहता हूँ कि आप खुद को अकेला या असुरक्षित न समझें। 'महिला हेल्प डेस्क' और 'एंटी रोमियो स्क्वाड' को जमीन पर पूरी तरह सक्रिय कर दिया गया है। आप बेझिझक अपनी शिकायत दर्ज कराएं, आपकी पहचान पूरी तरह गुप्त रखी जाएगी।
और जिले की जनता से मेरा अनुरोध है कि पुलिस आपकी मित्र है। कानून व्यवस्था बनाए रखने में हमारा सहयोग करें, क्योंकि एक सुरक्षित समाज पुलिस और पब्लिक की भागीदारी से ही बन सकता है।
डॉ. धर्मेंद्र तोमर: हमसे बात करने और अपनी योजनाओं को साझा करने के लिए बहुत-बहुत धन्यवाद, कप्तान साहब। उम्मीद है आपके नेतृत्व में जिला अधिक सुरक्षित महसूस करेगा।

एसपी सूरज कुमार: धन्यवाद, तोमर जी। मीडिया भी समाज का आईना है, आप हमारी कमियां भी उजागर करते रहें ताकि हम सुधार करते रहें।

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