झालमुड़ी खिलाकर चर्चा में आए पश्चिम बंगाल के झाड़ग्राम निवासी छोटे दुकानदार बिक्रम साऊ अब भय और मानसिक तनाव के दौर से गुजर रहे हैं। :-
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपने हाथों से बनी ‘झालमुड़ी’ खिलाकर चर्चा में आए पश्चिम बंगाल के झाड़ग्राम निवासी छोटे दुकानदार बिक्रम साऊ अब भय और मानसिक तनाव के दौर से गुजर रहे हैं। जिस घटना ने उन्हें अचानक पहचान दिलाई, वही अब उनके और उनके परिवार के लिए चिंता का कारण बन गई है। मिली जानकारी के अनुसार, बिक्रम साऊ ने दावा किया है कि पिछले कुछ दिनों से उनके मोबाइल फ़ोन पर पाकिस्तान और बांग्लादेश से जुड़े अंतरराष्ट्रीय नंबरों से लगातार कॉल और व्हाट्सऐप वीडियो कॉल आ रहे हैं। इन कॉलों के माध्यम से उन्हें और उनके परिवार को जान से मारने तथा गंभीर परिणाम भुगतने की धमकियाँ दी जा रही हैं। लगातार मिल रही इन धमकियों के कारण पूरा परिवार डरा हुआ है और मानसिक दबाव में जीवन बिता रहा है।
बताया जा रहा है कि कई कॉल देर रात आए, जबकि कुछ लोगों ने लगातार वीडियो कॉल कर उन्हें डराने और मानसिक रूप से परेशान करने का प्रयास किया। बिक्रम साऊ का कहना है कि प्रधानमंत्री मोदी के उनकी दुकान पर रुकने और उनसे बातचीत करने के बाद उनकी तस्वीरें और वीडियो सामाजिक माध्यमों पर तेजी से फैल गए थे। इसके बाद से ही अज्ञात लोगों द्वारा उन्हें निशाना बनाया जाने लगा।
गौरतलब है कि १९ अप्रैल को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी झाड़ग्राम में एक चुनावी सभा को संबोधित करने पहुँचे थे। सभा समाप्त होने के बाद लौटते समय प्रधानमंत्री अचानक सड़क किनारे स्थित बिक्रम साऊ की छोटी सी झालमुड़ी की दुकान पर रुक गए थे। उन्होंने वहाँ कुछ समय बिताया, बातचीत की और झालमुड़ी का स्वाद लिया। यह दृश्य देखते ही देखते पूरे देश में चर्चा का विषय बन गया था।
प्रधानमंत्री के दौरे के बाद बिक्रम साऊ की दुकान लोगों के आकर्षण का केंद्र बन गई थी। बड़ी संख्या में लोग वहाँ पहुँचने लगे थे। लेकिन अब यही प्रसिद्धि उनके लिए परेशानी और असुरक्षा का कारण बन गई है। बिक्रम साऊ ने पूरे मामले की शिकायत पुलिस में दर्ज कराई है। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जाँच प्रारंभ कर दी है। तकनीकी पहलुओं की भी जाँच की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि धमकी भरे कॉल वास्तव में कहाँ से किए गए और इसके पीछे कौन लोग शामिल हैं।
यह घटना एक बार फिर यह सोचने पर मजबूर करती है कि अचानक चर्चा में आने वाले सामान्य नागरिक किस प्रकार सामाजिक माध्यमों और साइबर माध्यमों के जरिए मानसिक उत्पीड़न तथा धमकियों का शिकार हो सकते हैं। फिलहाल बिक्रम साऊ और उनका परिवार प्रशासन से सुरक्षा और त्वरित कार्रवाई की उम्मीद लगाए हुए है।