उत्तराखंड देहरादून तहसील विकासनगर
भूमाफिया और सिंचाई विभाग का गठजोड़: विकासनगर में किसानों की बर्बादी का सिलसिला जारी
पछुआ दूंन मे
भूमाफिया और सिंचाई विभाग का गठजोड़: विकासनगर में किसानों की बर्बादी का सिलसिला जारी
विकासनगर (देहरादून): विकासनगर क्षेत्र के किसान भूमाफियाओं और सिंचाई विभाग के कथित गठजोड़ की भेंट चढ़ रहे हैं। सैकड़ों-हजारों बीघा कृषि भूमि प्रभावित हो रही है, फसलें सूख रही हैं और मजबूर किसान अपने खेत पों-पों दामों पर भूमाफियाओं को बेचने को विवश हो रहे हैं। सूत्रों का आरोप है कि सिंचाई विभाग के कुछ अधिकारी भूमाफियाओं से मोटी रकम लेकर उनके अवैध कब्जों पर आँखें मूंदे बैठे हैं।
अवैध कब्जे और गुलों का विनाश
विकासनगर तहसील क्षेत्र में भूमाफिया सक्रिय हैं। वे सिंचाई विभाग की पुरानी गुलों को जानबूझकर क्षतिग्रस्त कर देते हैं, उन पर कब्जा कर अवैध प्लाटिंग करते हैं और निर्माण कार्य कर लेते हैं। नतीजतन, किसानों के खेतों तक सिंचाई का पानी नहीं पहुँच पाता। फसलें खराब हो जाती हैं।
किसान जब शिकायत करने सिंचाई विभाग के अंबाड़ी डिवीजन कार्यालय पहुँचते हैं तो अधिकारी या तो टालमटोल करते हैं या फिर कोई कार्रवाई नहीं करते। न तो अवैध कब्जा हटाया जाता है और न ही नई गुल का निर्माण कराया जाता है।
सूत्रों का दावा: सिंचाई विभाग के कुछ अधिकारियों को भूमाफियाओं से “मुंहमांगी रकम” मिलती है, जिसके चलते पूरा सिस्टम किसानों के खिलाफ काम कर रहा है।
ताजा मामला: डाकपत्थर रोड, कैनाल बायपास चौक
एक ताजा उदाहरण डाकपत्थर रोड स्थित कैनाल बायपास चौक का है। यहां पुंडीर नामक व्यक्ति ने सिंचाई गुल की सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा कर निर्माण कार्य शुरू कर दिया है। स्थानीय किसानों ने सिंचाई विभाग और मसूरी दून विकास प्राधिकरण (MDDA) से शिकायत की, लेकिन दोनों विभाग “सुविधा शुल्क” लेकर चुप्पी साधे हुए हैं।
स्थानीय लोग इसे “गांधी जी का तीन बंदर” नीति बता रहे हैं—न देखना, न सुनना, न बोलना।
किसानों की मजबूरी
खेत सूखने के कारण किसान आर्थिक रूप से पूरी तरह बर्बाद हो चुके हैं। कई किसान आत्महत्या की कगार पर पहुंच गए हैं। मजबूरन उन्हें अपने उपजाऊ खेत भूमाफियाओं को बहुत कम दाम पर बेचने पड़ रहे हैं। भूमाफिया बाद में उसी जमीन पर प्लाटिंग कर मोटा मुनाफा कमा लेते हैं।
सवाल
क्या खबर प्रकाशित होने के बाद सिंचाई विभाग और प्रशासन जागेंगे? क्या डाकपत्थर रोड के कैनाल बायपास चौक पर अवैध कब्जा हटाया जाएगा? या फिर किसान बर्बाद होते रहेंगे और भूमाफिया-विभाग का गठजोड़ और मजबूत होता रहेगा?
विकासनगर के प्रभावित किसान अब उच्च अधिकारियों और मीडिया से अपील कर रहे हैं कि इस भ्रष्टाचार के खेल को रोका जाए, ताकि छोटे किसानों की आखिरी उम्मीद—खेती—भी न छिन जाए।
(यह रिपोर्ट स्थानीय सूत्रों और प्रभावित किसानों के बयानों पर आधारित है। संबंधित विभागों का पक्ष जानने का प्रयास किया जाएगा।)