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वैश्विक ऊर्जा संकट के बीच उत्तर प्रदेश सरकार ने जारी किए ईंधन बचत संबंधी दिशा-निर्देश :-

मध्य पूर्व में जारी युद्ध और वैश्विक स्तर पर बढ़ते ईंधन संकट के बीच उत्तर प्रदेश सरकार के नगर विकास विभाग ने ऊर्जा संरक्षण तथा ईंधन बचत को लेकर महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इन निर्देशों का उद्देश्य बढ़ती ऊर्जा लागत को नियंत्रित करना, ईंधन की खपत कम करना तथा सरकारी संसाधनों का अधिक प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करना बताया जा रहा है।

सरकार द्वारा जारी परामर्श के अनुसार अब सभी शासकीय बैठकों का आयोजन आभासी माध्यम से करने पर बल दिया गया है। इसके साथ ही विदेशी सहायता प्राप्त यात्राओं, अध्ययन दौरों, परामर्श संबंधी कार्यों तथा अन्य बाहरी भ्रमण गतिविधियों को अगले सात महीनों तक स्थगित रखने का निर्देश दिया गया है। कार्यालयों में रात्रि सात बजे के बाद ऊर्जा की खपत कम करने के लिए शीतलन यंत्रों, प्रकाश व्यवस्था तथा ऊपर-नीचे जाने वाली यांत्रिक सुविधाओं के उपयोग को सीमित करने के निर्देश भी जारी किए गए हैं। साथ ही कार्यालयों में शीतलन यंत्रों का तापमान चौबीस से छब्बीस अंश के बीच बनाए रखने को कहा गया है। ईंधन की बचत के लिए सार्वजनिक परिवहन, सामूहिक वाहन उपयोग, विद्युत चालित वाहनों तथा साइकिलों के अधिक उपयोग को प्रोत्साहित किया गया है। सरकार ने सभी नगर निकायों को प्रत्येक शहर में साइकिल मार्ग विकसित करने के निर्देश भी दिए हैं ताकि लोग कम दूरी की यात्रा के लिए वैकल्पिक साधनों का उपयोग कर सकें।

इसके अतिरिक्त नगर निकायों को बिजली के खंभों पर अनावश्यक सजावटी प्रकाश व्यवस्था न लगाने का निर्देश दिया गया है, जिससे ऊर्जा की बचत हो सके। अधिकारियों का मानना है कि इन कदमों से बढ़ती ईंधन लागत पर नियंत्रण पाने के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा।

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