अनूपगढ़ के प्रेमनगर निवासी 28 वर्षीय सनील कमार, पूत्र रमेश कमार, "को 1100 करोड़ की साइबर ठगी के मामले में निरफार किया गया है। साइबर थाने के प्रभारी इं
अनूपगढ़ के प्रेमनगर निवासी 28 वर्षीय सनील कमार, पूत्र रमेश कमार, "को 1100 करोड़ की साइबर ठगी के मामले में निरफार किया गया है। साइबर थाने के प्रभारी इंस्पेक्टर सतवीर मीगा ने आरोपी को अदालत में पेश किया। आरोपी को 21 मईं तक रिमांड पर लिया गया है।
इस संबंध में जोधपुर कमिरनरेट की ओर से एकविशेष टीम का गठन किया गया। टीम ने 2024 से दिसंबर 202S तक साइबर ठगी के उन मामलों को खोजा, जो भरत से बाहर दूसरेदेशो में बैठकर किए जारे थे।तब पुलिसको उन 5300 सिमकार्ड की जानकारी
मिली जो देश के हर राज्य से जारीकिएगए थे।इकेजीएकी जारही साइबरठगी के तर कंतोडियक्क चूडेइएथे कंबोडिया में मरलैशेया के चार नागरिकों, ली जेन हुईं, लॉडी खेन चींयूमिंग और लियांग केन नेथ ने भारतंके नागरिकोंसे इसिम
कार्ड की मदद से 1102 करोड़ रुपए की साइबर ठगी की थी। आरोपियों के गिरोह की ओर से जारीकिए गएसिम का्ड मेंसे राजस्यानसे२१०औरपंजाब से 111 सिम कार्ड लोगों को धोखेमे रकरजारीकिर जानेकी जानकारी सामने आई थी।
जांच " अधिकारी के अनुसार आरोपी ने अनूपगढ़ में नवदीश टेलीकॉम, मुस्कान टैलीकॉम तथा संतोष टेलीकॉंम के नाम से तीन सिम डिस्ट्रीप्यूशन पॉंट ऑफ सेल (POS) च्लार। आरोपी ने अपने पीओएस पर ऐसे लोगों को टारगेट किया जो कम पदे-लिखे अथवा अनपढ़ थे। आरोपी उ्हें बोडाफोन की सिम कार्ड फ्री जारी करने का लालच देकर उनकी केवाईसी एक से ज्यादा बार करत। हर बार उनके नाम से सिम कार्ड जारी कर उ्से एकिटवेट कर लेता। इनमें से एक सिम संबंधित ग्राहक को देता। शेष अपने पास रखता। इस तरह एकिटवेट की गई सिम कार्ड वह अपने नेटवर्क के जरिए साइबर ठगी के गिरोह को बेच देत था। आरोपी से इस मामले में सहयोगियों कीजानकारीजुरईंजा रहीहै।
2.3 लाख तिम कार्ड में1"0 लाख से अधिक ठगी वाली३६ हजार सिम कार्ड की गहराई में गए: जोधपुर कमिश्नरेट की 'साइबर एक्सपर्ट टीम की ओर से 10 लाख हूपए से अधिक की साइबर ठगी के मामलों की विशेष जांच शरू की गई। इन ठगी के मामलं में जिन सिम कार्ड का इस्तेमाल हआ, वे सभी वर्चअली कंबोडिया में एक्टवेट थे। इस पर सिम कार्ड को रीचार्ज करने वाली सिंगापर की कंपनी से जानकारी मांगी गई। वही कंपनी इुन सिम कार्ड को रीचार्ज करती थी। कंपनी ने 2 लाख 30 हजार से अधिक सिम कार्ड की जानकारी पुलिस को भिजवाईं। इतने बड़े डेटा में से पुलिस ने रोमिंग बाली सिम का डेटय जुट्ाया। इससे डेयय 36 हजार के करीब सिम कार्ड का रह गया। इनको रिचार्ज करने वाली इंडियन कंपनी से इनकी डिटेल मांगी गईं। उससे यूरोनेट से रिचार्ज हो रहे नंबरों की डिटेल मिली। सिम कार्ड जारी करने बाली कंपनियों की डिटेल भी सामने आईं। भारतीय साइबर क्राइम समन्वय कैंद्र (14C) की मदद से इनमें से 5300 सिम कार्ड छटि गए। इनके जरिए 10 लाख रूपए से अधिक की रकम की साइबर ठगी की गई थी। अकेले इसी से देशभर में 1102 करोड़ की साइबर ठगी सामने आई
आरोपी के ऊपर गिरोह के कई सद्स्य कडीसे कड़ी जोइकर उनतक पहंक्नेकी कोरिशः अनपगढ़ के वार्ड 5 प्रेम नगर में रहने बाला आरोपी सुनील कुमार साइबर ठगी के इन मामलों मँं नींव की ईंट है। उसी की तरह देशभर में पीओएस लेकर लोगों को धोखे में रखकर सिम कार्ड जारी करने का सिलसिला जारी है। इसके बाद इन्हें साइबर ठगों को बेचा जात है। आरोपी के ऊपर कईं लेयर के ठग हैँ।पुलिस इसी से जानकारी जुया रही है। पुलिस कड़ी से क़ी जोइकर उन तक पहुंचेगी। साइबर थाना पुलिस ने मंगलवार को आरोपी को साथ लेकर अनूपगढ़ में उन 'स्थानौ का नक्शा मौकार बनाया, जहां-जहं आरोपी ने लोगों को धोखे में रखकर सिम जारी किए। आरोपी के घर तथा अन्य स्थानों की भी तलाशी ली गई। इस मामले में पलिस ढन दुकानदारों को भी गिरपतार कर सकती है, जिन्होंने अपने पीओएस को आरोपी को पासबर्ड देकर सिम बेचने की स्वीक़ति दी निगरानी नहेंकी गई।