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"CM साय का बड़ा एक्शन: समीक्षा बैठक में लापरवाही पर सहायक आयुक्त 'ऑन द स्पॉट' सस्पेंड!"

​रायपुर/कोरिया: छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय इन दिनों पूरी तरह से एक्शन मोड में नजर आ रहे हैं। राज्य में सुशासन और प्रशासनिक पारदर्शिता को लेकर सीएम साय ने कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है। इसी कड़ी में एक बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई करते हुए मुख्यमंत्री ने कोरिया जिले की समीक्षा बैठक के दौरान गंभीर लापरवाही पाए जाने पर आदिवासी विकास विभाग के सहायक आयुक्त को 'ऑन द स्पॉट' सस्पेंड (तत्काल निलंबित) करने के निर्देश दे दिए हैं। मुख्यमंत्री के इस औचक और कड़े कदम से पूरे प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया है।
​समीक्षा बैठक में खुली दावों की पोल
​सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन और जिला स्तरीय कामकाज की प्रगति की समीक्षा कर रहे थे। बैठक के दौरान जब आदिवासी विकास विभाग की योजनाओं और विभागीय बजट के खर्च की समीक्षा शुरू हुई, तो सहायक आयुक्त दावों के अनुरूप जमीनी आंकड़े और संतोषजनक जवाब प्रस्तुत नहीं कर पाए। शासकीय कार्यों में अत्यधिक ढिलाई, फाइलों के लंबित रहने और जनहित की योजनाओं में लापरवाही को देखकर मुख्यमंत्री का पारा चढ़ गया।
​"जनता के काम में लापरवाही बर्दाश्त नहीं" — CM साय
​कड़ी नाराजगी जताते हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बैठक में ही मौजूद उच्च अधिकारियों को संबंधित सहायक आयुक्त को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने का आदेश जारी करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा:
​"हमारी सरकार छत्तीसगढ़ की जनता के प्रति जवाबदेह है। जनहित की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक समय पर पहुँचना चाहिए। प्रशासनिक कामकाज में किसी भी स्तर पर ढिलाई, लेटलतीफी या लापरवाही को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जो अधिकारी जिम्मेदारी से भागेंगे, उन पर इसी तरह ऑन द स्पॉट कड़ी कार्रवाई की जाएगी।"
​पूरे प्रदेश के प्रशासनिक हल्के में मंचा हड़कंप
​मुख्यमंत्री साय की इस "ऑन द स्पॉट" कार्रवाई ने पूरे प्रदेश के अधिकारियों को एक कड़ा और साफ संदेश दे दिया है कि केवल कागजी घोड़े दौड़ाने से काम नहीं चलेगा, बल्कि जमीन पर परिणाम दिखाने होंगे। इस घटना के बाद से अन्य जिलों के प्रशासनिक महकमों में भी हड़कंप की स्थिति है और लंबित फाइलों को तेजी से निपटाने की कवायद शुरू हो गई है।
​छत्तीसगढ़ में सुशासन की दिशा में मुख्यमंत्री की इस त्वरित और सख्त कार्रवाई की आम जनता और राजनीतिक हलकों में जमकर सराहना हो रही है।
​यह रिपोर्ट ऑल इंडिया मीडिया एसोसिएशन (AIMA) के समाचार मानकों के अनुरूप तैयार की गई है।

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