भारत में पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों ने ट्रांसपोर्ट व्यवसाय प्रभावित किया
भारत में मई 2026 में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में लगातार वृद्धि ने ट्रांसपोर्ट व्यवसाय को गंभीर रूप से प्रभावित किया है। ट्रक, टेम्पो, कैब और डिलीवरी सेवाओं के संचालकों का कहना है कि उनकी कमाई की तुलना में खर्चे बढ़ रहे हैं, जिससे व्यापार में हानि हो रही है। इसके परिणामस्वरूप ट्रक फ्रेट महंगा हुआ है, ऑनलाइन डिलीवरी चार्ज बढ़े हैं, और कैब तथा ऑटो किराए में भी वृद्धि देखी गई है। इसके साथ ही सब्जी, दूध और राशन जैसी आवश्यक वस्तुएं महंगी हो गई हैं, जिससे छोटे ट्रांसपोर्टरों की आमदनी कम हो रही है।
विशेषज्ञों के अनुसार भारत में लगभग 65% माल सड़क मार्ग से परिवहन होता है, इसलिए डीजल की कीमतों में वृद्धि का प्रभाव व्यापक है। इस समस्या के पीछे मध्य पूर्व में तनाव, वैश्विक कच्चे तेल की महंगाई, तेल कंपनियों के भारी नुकसान और रुपये की कमजोरी जैसे कारण हैं। सरकारी तेल कंपनियों ने नुकसान की भरपाई के लिए पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ाए हैं। सोशल मीडिया और रेडिट पर ₹100 के करीब पेट्रोल की कीमतों और बढ़ती ट्रांसपोर्ट लागत पर व्यापक चर्चा हो रही है।