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भीषण गर्मी का कहर: बच्चों में तेजी से पैर पसार रहा डायरिया, 4-5 दस्त में ही गंभीर हो रहे मासूम

डॉक्टर की बड़ी अपील - 'लक्षण दिखते ही न करें देरी, तुरंत पहुंचे अस्पताल'

लखीमपुर खीरी, 23 मई 2026। भीषण गर्मी और लू के थपेड़ों ने छोटे बच्चों की सेहत पर गंभीर खतरा बढ़ा दिया है। जिले में डायरिया और लूज मोशंस के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। स्थिति इतनी चिंताजनक है कि बच्चे मात्र 4-5 बार दस्त होने के बाद ही बेहोशी की हालत में पहुंच जा रहे हैं।

शहर के प्रसिद्ध शिशु रोग विशेषज्ञ और किलकारी हॉस्पिटल के संचालक डॉ. अंजनी मिश्रा ने अभिभावकों के लिए विशेष अपील जारी की है। उन्होंने बताया, "इस बार गर्मी का असर बच्चों पर बहुत खतरनाक तरीके से हो रहा है। हमारे पास लगातार ऐसे केस आ रहे हैं जहां बच्चा 4-5 दस्त के बाद ही अत्यधिक सुस्त हो जा रहा है या बेहोश हो रहा है। कुछ घंटों में ही स्थिति गंभीर हो जा रही है।"

इन लक्षणों को न करें नजरअंदाज

डॉ. मिश्रा के अनुसार गर्मी में बच्चों के शरीर से पानी और इलेक्ट्रोलाइट्स तेजी से खत्म होते हैं। थोड़ी सी लापरवाही भी जानलेवा हो सकती है। अभिभावक इन लक्षणों पर तुरंत ध्यान दें:

• बार-बार दस्त और उल्टी होना • शरीर में तेज कमजोरी और अत्यधिक सुस्ती • बच्चे का बार-बार बहुत प्यास लगना • पेशाब की मात्रा का अचानक कम हो जाना • आंखों का अंदर की ओर धंसना • बेहोशी या अर्ध-बेहोशी की स्थिति

डॉ. मिश्रा ने सख्त चेतावनी दी कि इनमें से एक भी लक्षण दिखे तो घरेलू उपचार में समय न गंवाएं। तुरंत योग्य चिकित्सक से संपर्क कर इलाज शुरू कराएं।

बचाव के लिए जरूरी गाइडलाइन

बच्चों को डायरिया और डिहाइड्रेशन से बचाने के लिए डॉ. अंजनी मिश्रा ने ये उपाय सुझाए:

1. तरल पदार्थ है जरूरी: बच्चों को लगातार साफ पानी, ओआरएस घोल, नारियल पानी और घर के बने स्वच्छ तरल पदार्थ देते रहें। शरीर में पानी की कमी न होने दें। 2. बाहर का खाना बंद: गर्मी में बैक्टीरिया तेजी से पनपते हैं। बच्चों को खुली, बासी या अस्वच्छ चीजें बिल्कुल न खिलाएं। 3. धूप से रखें दूर: दोपहर में तेज धूप में बच्चों को बाहर न निकलने दें। उन्हें ठंडे और हवादार स्थान पर रखें।

डॉ. मिश्रा ने कहा, "सावधानी, समय पर लक्षणों की पहचान और बिना देरी किया गया सही उपचार ही आपके बच्चे को गंभीर स्थिति से बचा सकता है।"

जिला प्रशासन ने भी अभिभावकों से अपील की है कि गर्मी में बच्चों की विशेष देखभाल करें और ओआरएस पैकेट हमेशा घर में रखें।

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