धर्मांतरण का दबाव, घर फूंकने की धमकी और वसूली; सारंगढ़-बिलाईगढ़ के बालपुर में तनाव, पीड़िता ने लगाई न्याय की गुहार
ब्यूरो रिपोर्ट, आइमा मीडिया सारंगढ़-बिलाइगढ़ (छत्तीसगढ़)। जिला सारंगढ़-बिलाइगढ़ के अंतर्गत आने वाले थाना सरसींवा क्षेत्र के ग्राम बालपुर से एक बेहद सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहाँ एक गरीब परिवार को जबरन ईसाई धर्म अपनाने के लिए मजबूर करने, बात न मानने पर उनकी रोजी-रोटी का जरिया (ठेला-झोपड़ी) फूंकने और जान से मारने की गंभीर धमकी देने का आरोप लगा है। मामले में राजनीतिक रसूख का धौंस दिखाकर ₹10,000 की जबरन वसूली करने की बात भी सामने आई है। पीड़िता ने इस मामले में कलेक्टर (जनदर्शन) और थाना प्रभारी सरसींवा से न्याय की गुहार लगाई है, वहीं कार्रवाई न होने पर अब आरटीआई (RTI) का भी सहारा लिया है।
प्रलोभन और प्रताड़ना: "ईसाई बनो, बीमारी ठीक होगी और हर महीने पैसे मिलेंगे"
प्राप्त दस्तावेजों के अनुसार, ग्राम बालपुर निवासी पीड़िता श्रीमती भेषबाई खूंटे (पति टिकाराम खूंटे) ने लिखित शिकायत दर्ज कराई है कि गांव का ही सूर्य कुमार सायतोड़े (पिता देवचरण सायतोड़े) उनके पति पर बार-बार ईसाई धर्म अपनाने के लिए मानसिक दबाव बना रहा है। आरोपी द्वारा प्रलोभन दिया जा रहा है कि कैलेसिया (प्रार्थना सभा) में जाने से बी.पी. और शुगर की बीमारी ठीक हो जाएगी, स्वर्ग में जगह मिलेगी और हर महीने नकद राशि दी जाएगी। पीड़िता का आरोप है कि जब उनके परिवार ने धर्म बदलने से साफ मना कर दिया, तो आरोपी सूर्य कुमार और उसकी पत्नी कचराबाई सायतोड़े आग-बबूला हो गए और उन्हें लगातार प्रताड़ित करने लगे।
रोजी-रोटी छीनने और जिंदा जलाने की धमकी
पीड़ित परिवार सड़क किनारे खसरा नंबर 91/1 पर ठेला (झोपड़ी) लगाकर अपनी रोजी-रोटी चलाता है। शिकायत के मुताबिक, आरोपियों द्वारा अब इस गरीब परिवार को बेदखल करने की साजिश रची जा रही है। आरोपियों ने धमकी दी है कि वे तहसीलदार के पास झूठा आवेदन देकर उन्हें जेल भिजवा देंगे और उनके ठेले को आग के हवाले कर देंगे। इतना ही नहीं, आरोपियों द्वारा पीड़ित परिवार के पड़ोसियों को भी उनके खिलाफ मारपीट करने के लिए भड़काया जा रहा है ताकि वे सड़क पर भीख मांगने को मजबूर हो जाएं।
पूर्व विधायक के नाम पर ₹10,000 की वसूली और मंत्रालय तक धौंस
मामले में एक अन्य आरोपी कैलाश राय उर्फ चिंटू (पिता चंद्रिका राय) पर भी गंभीर आरोप लगे हैं। शिकायत के अनुसार, कैलाश राय ने सूर्य कुमार के साथ मिलकर पीड़िता के पति से ₹10,000 की मांग की। पैसे न देने पर उसने खुद को पूर्व विधायक एवं संसदीय सचिव चंद्रदेव राय का भतीजा बताते हुए धौंस दी कि उसकी पहुंच थाने से लेकर मंत्रालय तक है। आरोपी ने खुलेआम धमकी दी है कि वह पूरे परिवार को गांव में जीने नहीं देगा और उनके ठेले समेत उन्हें जिंदा फूंक देगा। इस धमकी के बाद से पीड़ित परिवार बेहद डरा और सहमा हुआ है।
कार्रवाई की स्थिति जानने पीड़िता ने खटखटाया RTI का दरवाजा
पीड़िता ने इस मामले की शिकायत मई माह के पहले सप्ताह (05 मई और 08 मई 2026) में ही कलेक्टर और स्थानीय पुलिस से की थी। लेकिन मामले में अपेक्षित कार्रवाई न होता देख, आवेदिका भेषबाई खूंटे ने पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए अब 'सूचना का अधिकार' (RTI) का रास्ता चुना है।
पीड़िता ने 21 मई 2026 को थाना प्रभारी सरसींवा के समक्ष आरटीआई आवेदन दाखिल कर अपनी शिकायत पर अब तक हुई कार्रवाई की प्रमाणित प्रतिलिपि मांगी है, जिसकी आधिकारिक पावती भी जारी हो चुकी है।
अब देखना यह होगा कि इस संवेदनशील मामले पर सारंगढ़-बिलाइगढ़ पुलिस और जिला प्रशासन क्या रुख अपनाता है और पीड़ित गरीब सतनामी परिवार को कब तक न्याय मिल पाता है।