सिद्धार्थनगर में 108 एम्बुलेंस सेवा पर फर्जीवाड़े का आरोप,मुख्यमंत्री व महानिदेशक स्वास्थ्य को पत्र भेजकर जांच की मांग
सिद्धार्थनगर जनपद में संचालित 108 व 102 एम्बुलेंस सेवाओं में बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़े का आरोप लगाते हुए है। ग्राम दुफेडिया, पोस्ट गौरा बाजार निवासी सच्चिदानन्द पुत्र बलराम प्रसाद ने मुख्यमंत्री व महानिदेशक को पत्र भेजकर मामले की जांच की मांग की है। शिकायत कर्ता सच्चिदानन्द ने पत्र में आरोप लगाया है कि एम्बुलेंस प्रदाता कंपनी जीवीकेईएमआर आई द्वारा जनपद सिद्धार्थनगर में टारगेट पूरा करने के लिए फर्जी केस बनाए जा रहे हैं। डीबीआर/पीसीआर रजिस्टर में फर्जी मोबाइल नंबर, फर्जी मरीजों के नाम व पते अंकित कर प्रतिदिन फर्जी आंकड़ों के जरिए कंपनी सरकार से लाखों रुपये का भुगतान करा रही है।
पत्र में कहा गया है कि एक तरफ जरूरतमंद व पात्र मरीजों को इस सुविधा से वंचित होना पड़ रहा है, वहीं दूसरी तरफ गरीबों के टैक्स की कमाई का करोड़ों रुपया बिना सुविधा दिए कूटरचित आंकड़ों के आधार पर कंपनी द्वारा डकारा जा रहा है। इससे सरकार को आर्थिक नुकसान के साथ-साथ छवि भी धूमिल हो रही है
शिकायतकर्ता का आरोप है कि सिद्धार्थनगर जनपद में फर्जी डीबीआर / पीसीआर के आंकड़े मात्र बानगी हैं। पूरे प्रदेश में प्रदाता कंपनी जीबीकेईएमआर आई द्वारा इस तरह के फर्जी केस के सहारे सरकार को प्रतिदिन करोड़ों का चूना लगाया जा रहा है।
शिकायतकर्त्ता ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि सिद्धार्थनगर जिले में एम्बुलेंस द्वारा विगत 5 माह में दिए गए डीबीआर/पीसीआर में अंकित मोबाइल नंबर, मरीज का नाम, गांव व आधार नंबर पर दिए गए आंकड़ों की जांच कर कार्रवाई कराई जाए।