बिजनौर में पारा 41.2 डिग्री पहुंचाः भीषण गर्मी से सड़कें सूनी, लोग घरों में रहने को मजबूर; बिजली कटौती से लोग परेशान
बिजनौर में भीषण गर्मी का प्रकोप जारी है। जिले का अधिकतम तापमान 41.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। तपते सूरज और तेज धूप के कारण दोपहर के समय शहर की सड़कें सूनी नजर आती हैं, और लोग घरों में रहने को मजबूर हैं। कई इलाकों में बिजली कटौती ने भी लोगों की परेशानी बढ़ा दी है।
मई की शुरुआत से ही जिले में गर्मी का असर देखा जा रहा था। बीच-बीच में हुई हल्की बारिश और हवा के कारण कुछ दिनों तक राहत मिली थी, लेकिन पिछले कई दिनों से भीषण गर्मी लगातार जारी है।
दोपहर में सूरज की तपिश और गर्म हवाएं लोगों को झुलसा रही हैं। अत्यधिक गर्मी और उमस के कारण लोग दिनभर परेशान रहते हैं। शाम के समय तापमान में कुछ गिरावट आने से थोड़ी राहत मिलती है, लेकिन दिनभर गर्मी अपने चरम पर रहती है।
गर्मी से बचने के लिए लोग तरह-तरह के उपाय कर रहे हैं।
कुछ लोग सिर पर कपड़ा या टोपी पहनकर बाहर निकल रहे हैं, तो कुछ लोग आइसक्रीम, नींबू पानी, जूस और अन्य ठंडे पेय पदार्थों का सेवन कर रहे हैं। लोग अनावश्यक रूप से घर से निकलने से परहेज कर रहे हैं, जिसके कारण बिजनौर शहर की सड़कें दोपहर में सूनी दिखाई देती हैं और आवाजाही न के बराबर है।
गर्मी का असर कारोबार पर भी पड़ रहा है, जिससे दुकानदार खाली बैठे नजर आ रहे हैं। सबसे ज्यादा प्रभाव मजदूरों पर दिख रहा है, जो तपती धूप में भी मजदूरी करने को मजबूर हैं। पशु-पक्षी और जानवर भी गर्मी से खासे प्रभावित हैं।
रेहड़ी-पटरी वाले दुकानदार धूप से बचने के लिए छाता लगाकर दुकानदारी कर रहे हैं और बीच-बीच में हाथ के पंखे से हवा कर रहे हैं।
कृषि अनुसंधान केंद्र नगीना द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, पिछले तीन दिनों में तापमान में लगातार वृद्धि दर्ज की गई है। 19 मई को अधिकतम तापमान 39.8 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 23.4 डिग्री सेल्सियस था। 20 मई को यह बढ़कर अधिकतम 41.0 डिग्री और न्यूनतम 23.6 डिग्री सेल्सियस हो गया। वहीं, 21 मई को अधिकतम तापमान 41.2 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 23.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। उधर मौसम वेधशाला के प्रेक्षक सतीश कुमार के मुताबिक अभी लू से राहत मिलने के कोई उम्मीद नही है । उन्होंने जून में मानसून आने पर ही गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है जताई है।