जौनपुर: पंडित तीर्थराज द्विवेदी का निधन, सामाजिक क्षेत्र में अपूरणीय क्षति
जौनपुर जनपद के बरसठी विकासखंड अंतर्गत रामपुर थाना क्षेत्र के ग्राम कोलाहलपुर निवासी एवं संयुक्त उत्तर भारतीय समाज NGO के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सुशील कुमार द्विवेदी के पूज्य पिताजी, वरिष्ठ समाजसेवी एवं सेवानिवृत्त शिक्षक पंडित तीर्थराज द्विवेदी का दिनांक 18 मई 2026, सोमवार को आकस्मिक गोलोकवास हो गया। उनके निधन की सूचना मिलते ही पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। सामाजिक, शैक्षिक एवं धार्मिक क्षेत्र से जुड़े लोगों ने गहरा दुःख व्यक्त करते हुए दिवंगत आत्मा की शांति हेतु प्रार्थना की। पंडित तीर्थराज द्विवेदी अपने सरल स्वभाव, उच्च संस्कार, धार्मिक प्रवृत्ति एवं शिक्षा के प्रति समर्पण के लिए क्षेत्र में विशेष पहचान रखते थे। उन्होंने अपने जीवनकाल में शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान दिया तथा सैकड़ों विद्यार्थियों को ज्ञान की राह दिखाकर समाज को नई दिशा प्रदान की। उनके व्यक्तित्व में सादगी, अनुशासन और संस्कारों की अद्भुत छाप थी, जिसके कारण वे समाज के हर वर्ग में सम्मानित थे। दिवंगत का अंतिम संस्कार वाराणसी के पवित्र मणिकर्णिका घाट पर पूरे वैदिक विधि-विधान के साथ
संपन्न हुआ। उनके ज्येष्ठ पुत्र जवाहर लाल द्विवेदी ने मुखाग्नि देकर पुत्र धर्म निभाया। अंतिम यात्रा में परिजन, शुभचिंतक, समाजसेवी, शिक्षक एवं क्षेत्र के गणमान्य लोग बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। वातावरण पूरी तरह गमगीन रहा और हर आंख नम दिखाई दी। पंडित तीर्थराज द्विवेदी अपने पीछे तीन पुत्र, तीन पुत्रियाँ, नाती-नातिनों से भरा-पूरा परिवार एवं असंख्य शुभचिंतकों को छोड़ गए हैं। उनका निधन परिवार ही नहीं बल्कि पूरे समाज के लिए अपूरणीय क्षति माना जा रहा है। उनके निधन पर संयुक्त उत्तर भारतीय समाज NGO के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजेश दुबे जी, योगेश पाठक जी, राष्ट्रीय सचिव शिवा मिश्रा, राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष प्रवीण मिश्रा, मुंबई अध्यक्ष राजेश उपाध्याय, मुंबई उपाध्यक्ष आनंद दुबे, अशोक यादव, राजकुमार पांडेय, दिनेश पाण्डेय, श्याम अनुज पाण्डेय, बबलू दुबे सहित समस्त पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं व गणमान्य लोग ने गहरा शोक व्यक्त करते हुए दिवंगत आत्मा को श्रद्धांजलि अर्पित की तथा शोक संतप्त परिवार के प्रति अपनी संवेदनाएं प्रकट की। ईश्वर दिवंगत पुण्यात्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान प्रदान करें एवं परिवारजनों को इस दुःख को सहने की शक्ति दें।