logo
Select Language
Hindi
Bengali
Tamil
Telugu
Marathi
Gujarati
Kannada
Malayalam
Punjabi
Urdu
Oriya

हिंदी साहित्यकार चरण सिंह स्वामी ने हिंदी संस्थान पुरस्कारों की रोक पर जताया दु:ख


मेरठ। चरण सिंह स्वामी ने सन 2021 से साहित्यकारों के प्रोत्साहन हेतु दिए जाने वाले पुरस्कारों पर लगी रोक को लेकर गहरा दु:ख व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश हिंदी संस्थान द्वारा साहित्यकारों को दिए जाने वाले सम्मान और पुरस्कार हिंदी भाषा एवं साहित्य के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते रहे हैं, लेकिन इन पर रोक लगने से हिंदी साहित्य जगत में निराशा का माहौल बना हुआ है।

स्वामी जी ने कहा कि हिंदी देश की आत्मा है और इसके उत्थान के लिए सरकार को सकारात्मक कदम उठाने चाहिए। उन्होंने आश्चर्य व्यक्त करते हुए कहा कि हिंदी और भारतीय संस्कृति की बात करने वाली सरकार द्वारा हिंदी के प्रोत्साहन में कमी दिखाई देना चिंताजनक है। उनका मानना है कि साहित्यकारों का सम्मान रुकने से नई पीढ़ी का साहित्य की ओर आकर्षण भी प्रभावित होगा।

मेरठ निवासी साहित्यकार चरण सिंह स्वामी साहित्य जगत में अपनी विशेष पहचान रखते हैं। उनकी प्रमुख कृतियों में मेरठ का इतिहास, सबरस काव्य संग्रह, मरती आदमियत कहानी संग्रह तथा आग लगी है चारों ओर नाटक संग्रह जैसी पुस्तकें शामिल हैं, जिन्हें पाठकों द्वारा सराहा गया है।

33
7594 views

Comment