अखंड मजबूत आदर्श भारत निर्माण स्थापित करने का--
आजाद भारत के प्रथम नेतृत्व का संकल्प
अखंड मजबूत आदर्श भारत निर्माण स्थापित करने का--
आजाद भारत के प्रथम नेतृत्व का संकल्प
देश हम सब का है हम सब मिल कर जीता है हम सब मिल कर चलाएंगे। जिसके वास्ते संविधान प्रस्तावना प्रतिनिधित्व भागीदारी आधारित निर्मित किया गया है। स्वतंत्रता निर्भीकता कार्य सक्षमता अनुसार प्रत्येक स्तर के कार्य करने से वंचित नहीं होना पड़ेगा। लेकिन विकृत समाजिंक व्यवस्था जो धीरे धीरे देश की संविधानिक व्यवस्था के साथ अपनी श्रेष्ठता के लिए लोगों को जाति धर्म आधारित विकृत समाजिंक व्यवस्था के हथियार प्रयोग से गृह युद्ध जो विधायिका कार्यपालिका न्यायपालिका मीडिया देश में कार्यदाई संस्थानों हैकर अपराधियो के खिलाफ संघर्ष आंदोलन खड़ा हो गया है जो बहुत बड़ा हिंसक आंदोलन नेपाल श्रीलंका बांग्लादेश में हुए आंदोलन का रूप ले लिया है। सरकार इसे प्रशासनिक शक्ति से रोकने का प्रयास और उग्र कर रहा है जब इसे रोकने के लिए संविधान प्रस्तावना के प्रतिनिधित्व भागीदारी सुनिश्चित है जिसे लागू करने का संकल्प तकनीक आधार को खोज नहीं पाये है यह केवल राष्ट्रीय भागीदारी स्ट्रक्चर में उपलब्ध है जिसे पी सी कुरील राष्ट्रीय अध्यक्ष राष्ट्रीय भागीदारी आंदोलन सिद्धांत से तकनीकी आधार पर सुनिश्चित किया जाए गा अन्यथा घटना के बाद भी प्रथम नेतृत्व के संकल्प सिद्धांत साकार करने में सक्षम समर्थ नहीं होगे जय संविधान प्रस्तावना जय भारत जय भीम नमोबुद्धाय।