झारखंड में स्थानीय नियोजन नीति लागू नहीं होने पर युवाओं में असंतोष साफ़ झलक रही है और राज्य पर बाहरी राज्यों के लोगों का कब्जा होता नजर आ रहा हैं
झारखंड: राज्य में प्राकृतिक संसाधनों और स्थानीय फलों पर बाहरी राज्यों के व्यापारियों का दबदबा लगातार बढ़ रहा है। सोशल मीडिया पर वायरल हुई एक तस्वीर में “शारवट” नामक फल से लदे पेड़ पर बिहार, यूपी, राजस्थान, एमपी और छत्तीसगढ़ के लोग फल तोड़ते दिख रहे हैं, जबकि नीचे बैठे झारखंडी लोग केवल इंतजार कर रहे हैं। यह तस्वीर झारखंड की जमीन के संसाधनों पर बाहरी लोगों के अधिकार को दर्शाती है।
स्थानीय लोग बताते हैं कि राज्य में रोजगार, व्यापार और संसाधनों में झारखंडियों को प्राथमिकता नहीं मिलने से युवाओं में नाराजगी बढ़ रही है। सामाजिक संगठनों ने सरकार से स्थानीय लोगों को रोजगार और व्यापार में अधिक अवसर देने की मांग की है। इस तस्वीर ने झारखंडी अस्मिता और अधिकारों को लेकर नई बहस छेड़ दी है।