रिम्स अस्पताल परिसर में मानवता की मिसाल, 6 वर्षों से लगातार जरूरतमंदों को कराया जा रहा निःशुल्क भोजन
राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान (रिम्स) परिसर में बीते 6 वर्ष 2 महीना 20 दिन से लगातार मानव सेवा का अनूठा कार्य किया जा रहा है। प्रतिदिन रात्री 8:00 बजे जरूरतमंदों, मरीजों के परिजनों और असहाय लोगों को निःशुल्क भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है। इस सेवा का उद्देश्य केवल एक है — “कोई भी भूखा न सोये।”
“मानव सेवा ही ईश्वर सेवा है” के विचार को आत्मसात करते हुए समाजसेवियों द्वारा यह पहल लगातार जारी है। हर दिन बड़ी संख्या में ऐसे लोग, जो आर्थिक तंगी या अन्य कारणों से भोजन नहीं जुटा पाते, उन्हें सम्मानपूर्वक खाना खिलाया जाता है। रिम्स जैसे बड़े अस्पताल में दूर-दराज से आने वाले मरीजों के परिजनों के लिए यह सेवा किसी वरदान से कम नहीं मानी जा रही है।
इस सामाजिक कार्य से जुड़े लोगों का कहना है कि सेवा का यह कारवां समाज के सहयोग से ही आगे बढ़ रहा है। उन्होंने आम लोगों से भी अपील की है कि वे इस पुण्य कार्य में अपनी भागीदारी निभाएं ताकि जरूरतमंदों तक भोजन पहुंचाने का यह अभियान लगातार चलता रहे।
स्थानीय लोगों ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि आज के समय में जहां लोग अपने स्वार्थ में व्यस्त हैं, वहीं ऐसे प्रयास समाज में मानवता और संवेदनशीलता की मिसाल पेश करते हैं। यह सेवा न केवल भूख मिटा रही है बल्कि जरूरतमंदों को यह एहसास भी दिला रही है कि समाज आज भी उनके साथ खड़ा है।
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क्या सरकार और समाज को मिलकर ऐसे मानव सेवा अभियानों को और बढ़ावा देना चाहिए?