NEET पेपर लीक कांड: बेनकाब हुए १० विलेन, पर असली 'हीरो' हैं शशिकांत! जिनके दम पर देश को पता चला महाघोटाला!
नीट पेपर लीक का सच उजागर करने वाले व्हिसलब्लोअर शिक्षक शशिकांत सुथार की जुबानी, कैसे देश के लाखों छात्रों के भविष्य से हो रहे खिलवाड़ को उन्होंने दुनिया के सामने लाया।
मुंबई:
NEET पेपर लीक मामले में देश की सबसे बड़ी जांच एजेंसी CBI ताबड़तोड़ एक्शन ले रही है। अब तक देश के अलग-अलग हिस्सों से १० बड़े आरोपियों (विलेन्स) को गिरफ्तार किया जा चुका है, जिनमें से अकेले महाराष्ट्र से ही ६ आरोपी CBI के शिकंजे में हैं। लाखों छात्रों के सपनों को बेरहमी से कुचलने वाले इन १० गुनहगारों के चेहरे तो दुनिया के सामने आ चुके हैं, लेकिन इस पूरे महाघोटाले के असली 'सिंघम' और 'हीरो' हैं— शिक्षक शशिकांत सुथार!
यह शशिकांत सुथार ही थे, जिन्होंने सबसे पहले पूरी ताकत से चिल्लाकर देश को बताया कि 'नीट का पेपर लीक हो चुका है!' शिक्षा व्यवस्था को दीमक की तरह चाट रहे इस रैकेट का पर्दाफाश करने वाले जांबाज शिक्षक शशिकांत सुथार से 'न्यूज़ १८ इंडिया' ने खास बातचीत की है, जिसमें उन्होंने कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं।
Inside Story: परीक्षा खत्म होते ही खटका था माथा!
शशिकांत सुथार सर ने बताया कि आखिर उन्हें इस महापाप की भनक सबसे पहले कैसे लगी। उन्होंने बातचीत में सिलसिलेवार तरीके से बताया:
पहला शक: परीक्षा खत्म होते ही उनके पास कुछ ऐसी जानकारियां आईं, जिसने उनके होश उड़ा दिए।
किसने दी जानकारी?: सुथार सर को सबसे पहले किसने बताया कि पेपर लीक हो चुका है और इस साजिश के तार कहां से जुड़े थे, इसका उन्होंने इंटरव्यू में पूरा ब्योरा दिया।
सिस्टम का रवैया: जब उन्हें पेपर लीक का पक्का सबूत मिला, तो उन्होंने तुरंत एनटीए (NTA) और संबंधित सरकारी एजेंसियों से संपर्क किया। लेकिन उस वक्त सिस्टम का रवैया कैसा था और उन्हें क्या-क्या पापड़ बेलने पड़े, इसकी रोंगटे खड़े कर देने वाली कहानी उन्होंने बयां की है।
"लाखों गरीब और होनहार बच्चों की मेहनत पर पानी फेरने वाले चेहरे आज भले ही जेल की सलाखों के पीछे हों, लेकिन अगर शशिकांत सुथार सर ने सही समय पर आवाज न उठाई होती, तो शायद यह महाघोटाला आज भी फाइलों के नीचे दबा होता।"
CBI की इस ताबड़तोड़ कार्रवाई के बीच, देश आज शिक्षक शशिकांत सुथार की हिम्मत को सलाम कर रहा है, जिन्होंने सिस्टम की 'वाल्वई' (दीमक) को उखाड़ फेंकने की शुरुआत की।