झारखंड में विशेष मतदाता पुनरीक्षण अभियान तेज, 30 जून से घर-घर जाएंगे 32 हजार बीएलओ
रांची: झारखंड में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान को लेकर निर्वाचन आयोग ने बड़ी तैयारी शुरू कर दी है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी के. रवि कुमार ने गुरुवार को बताया कि राज्यभर में लगभग 32 हजार बूथ स्तरीय अधिकारी (बीएलओ) 30 जून से घर-घर जाकर मतदाताओं का सत्यापन करेंगे।
उन्होंने कहा कि इस अभियान का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी पात्र भारतीय नागरिक मतदाता सूची से बाहर न रह जाए। एसआईआर प्रक्रिया 20 जून से शुरू होगी, जबकि मतदाता गणना का कार्य 30 जून से 29 जुलाई तक संचालित किया जाएगा।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि 20 से 29 जून तक बीएलओ को प्रशिक्षण दिया जाएगा और सभी तैयारियां पूरी की जाएंगी। इसके बाद बीएलओ घर-घर जाकर मतदाताओं को गणना प्रपत्र उपलब्ध कराएंगे और उनका सत्यापन करेंगे। जिन मतदाताओं के नाम पहले से सूची में दर्ज हैं, उनके विवरण का मिलान वर्ष 2003 के एसआईआर रिकॉर्ड से किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि मतदाता सूची का प्रारूप प्रकाशन 5 अगस्त को किया जाएगा। इसके बाद 5 अगस्त से 4 सितंबर तक दावे और आपत्तियां दर्ज की जा सकेंगी। वहीं नए मतदाता 30 जून से फॉर्म-6 के जरिए आवेदन कर सकेंगे।
निर्वाचन आयोग की ओर से कहा गया है कि नए मतदाताओं के आवेदन, दावे और आपत्तियां भी बीएलओ द्वारा घर-घर जाकर एकत्र की जाएंगी। जिन मतदाताओं से संपर्क नहीं हो पाएगा, उनके लिए विशेष शिविर भी लगाए जाएंगे।
सीईओ ने स्पष्ट किया कि जिन मतदाताओं का सत्यापन वर्ष 2003 में हो चुका है और जिनके रिकॉर्ड में कोई तार्किक त्रुटि नहीं है, उन्हें अलग से कोई दस्तावेज जमा करने की जरूरत नहीं होगी। हालांकि जिनके नाम 2003 के रिकॉर्ड में नहीं हैं या जिनके विवरण में त्रुटि है, उन्हें निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित 11 दस्तावेजों में से कोई एक जमा करना होगा।
राज्य में इस अभियान को सफल बनाने के लिए करीब 50 हजार कर्मियों की तैनाती की गई है। इसमें जिला निर्वाचन अधिकारी, निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी, सहायक निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी, बीएलओ और बीएलओ पर्यवेक्षक शामिल हैं।