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छोटे भाई ने पेश की भाईचारे की मिसाल, पूरी पैतृक संपत्ति बड़े भाई के नाम की सूरज पोसवाल मेहंदीपुर बालाजी

छोटे भाई ने पेश की भाईचारे की मिसाल,
पूरी पैतृक संपत्ति बड़े भाई के नाम की

सूरज पोसवाल
मेहंदीपुर बालाजी


करौली जिले की टोडाभीम तहसील के ग्राम नांदखुर्द निवासी बी.एल. मीना सर ने कलयुग में भाईचारे और त्याग की ऐसी मिसाल पेश की है, जिसकी क्षेत्रभर में चर्चा हो रही है। जहां आज जमीन-जायदाद के विवादों को लेकर रिश्तों में दरार और कोर्ट-कचहरी तक की नौबत आ जाती है, वहीं बी.एल. मीना ने अपनी पूरी पैतृक संपत्ति बड़े भाई के पक्ष में हकत्याग कर समाज को सकारात्मक संदेश दिया है।
जानकारी के अनुसार परिवार में दो भाई और एक बहन हैं। माता-पिता के निधन के बाद छोटे भाई बत्तीलाल मीना उर्फ बी.एल. मीना ने पैतृक मकान, पशुबाड़ा, जमीन-जायदाद, बोर और माता के आभूषण तक बड़े भाई कैलाश मीना के नाम कर दिए। इतना ही नहीं, उन्होंने स्वयं 8 बीघा जमीन खरीदकर भी बड़े भाई के नाम करवाई।
बी.एल. मीना का जीवन संघर्षों से भरा रहा। उन्होंने बताया कि पिता से पढ़ाई के लिए केवल 1800 रुपये मिले थे, बाकी पूरी शिक्षा का खर्च मजदूरी, दोस्तों और रिश्तेदारों की मदद से पूरा किया। बचपन में सड़क निर्माण कार्यों में मिट्टी की चौकड़ियां खोदने से लेकर जयपुर में रिक्शा चलाने और त्योहारों पर मकानों की पुताई तक का कार्य किया, लेकिन शिक्षा का साथ नहीं छोड़ा।
उन्होंने राजस्थान विश्वविद्यालय से उच्च शिक्षा में गोल्ड मेडल प्राप्त किया तथा कई प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता हासिल की। इतिहास व्याख्याता के रूप में सेवाएं देने के बाद वर्ष 2007 में उनका चयन आरएएस में हुआ। वर्ष 2011 से वे “प्रज्ञान RAS अकादमी” का संचालन कर रहे हैं, जहां से अनेक विद्यार्थी मेरिट में चयनित हो चुके हैं। वे आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों को शिक्षा के प्रति प्रेरित करने का कार्य भी लगातार कर रहे हैं।
बी.एल. मीना ने केवल संपत्ति ही नहीं छोड़ी, बल्कि बड़े भाई के चारों बच्चों की पढ़ाई और शादी-विवाह का पूरा खर्च भी स्वयं उठाया। उनका यह त्याग और भाई के प्रति समर्पण आज समाज के लिए प्रेरणा बन गया है।

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