प्रयागराज में वकीलों का उग्र प्रदर्शन : एकलव्य चौराहे पर बवाल, पथराव में ACP विद्युत गोयल बेहोश
प्रयागराज में शुक्रवार को उस समय माहौल तनावपूर्ण हो गया जब SRN हॉस्पिटल में एक वकील के साथ डॉक्टर द्वारा कथित मारपीट की घटना के विरोध में हाईकोर्ट के वकील सड़कों पर उतर आए। देखते ही देखते विरोध प्रदर्शन उग्र हो गया और सिविल लाइंस स्थित एकलव्य चौराहे पर भारी हंगामा शुरू हो गया। प्रदर्शनकारियों ने सड़क जाम कर चारों ओर बैरिकेडिंग लगा दी, जिससे शहर की यातायात व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई।
वकीलों के प्रदर्शन के दौरान पथराव, वाहनों में तोड़फोड़ और पुलिस के साथ धक्का-मुक्की की घटनाएं सामने आईं। हालात इतने बिगड़ गए कि मौके पर भारी पुलिस बल तैनात करना पड़ा। इसी दौरान स्थिति को नियंत्रित करने पहुंचे एसीपी सिविल लाइंस विद्युत गोयल घायल होकर बेहोश हो गए, जिसके बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया।
SRN हॉस्पिटल की घटना से भड़का आक्रोश
जानकारी के अनुसार, SRN हॉस्पिटल में एक अधिवक्ता अपने परिचित मरीज को देखने पहुंचे थे। इसी दौरान किसी बात को लेकर डॉक्टर और वकील के बीच कहासुनी हो गई। आरोप है कि विवाद इतना बढ़ गया कि डॉक्टर ने वकील के साथ अभद्रता और मारपीट कर दी। घटना की जानकारी जैसे ही हाईकोर्ट और जिला अदालत के अधिवक्ताओं को मिली, वकीलों में भारी आक्रोश फैल गया।
सुबह से ही बड़ी संख्या में अधिवक्ता एकत्र होने लगे और दोषी डॉक्टरों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की मांग उठाई। वकीलों का कहना था कि यदि अधिवक्ताओं की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं की गई तो आंदोलन और व्यापक किया जाएगा।
एकलव्य चौराहे पर लगाया जाम
दोपहर होते-होते सैकड़ों की संख्या में वकील सिविल लाइंस के एकलव्य चौराहे पर पहुंच गए। प्रदर्शनकारियों ने चारों तरफ बैरिकेडिंग लगाकर सड़क को पूरी तरह जाम कर दिया। इस दौरान “डॉक्टरों की गुंडागर्दी बंद करो” और “दोषियों की गिरफ्तारी करो” जैसे नारे लगाए गए।
सड़क जाम होने से शहर के कई प्रमुख मार्गों पर लंबा ट्रैफिक जाम लग गया। कार्यालय जाने वाले कर्मचारी, स्कूल वाहन और आम नागरिक घंटों फंसे रहे। पुलिस प्रशासन लगातार प्रदर्शनकारियों को समझाने की कोशिश करता रहा, लेकिन वकील अपनी मांगों पर अड़े रहे।
प्रदर्शन ने लिया उग्र रूप
स्थिति उस समय और बिगड़ गई जब प्रदर्शन के दौरान कुछ अराजक तत्वों ने पथराव शुरू कर दिया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, अचानक कई तरफ से पत्थर फेंके गए जिससे मौके पर भगदड़ मच गई। कई वाहनों के शीशे टूट गए और सड़क किनारे खड़ी गाड़ियों को नुकसान पहुंचा।
कुछ प्रदर्शनकारी बैरिकेड तोड़कर आगे बढ़ने लगे, जिसके बाद पुलिस और वकीलों के बीच तीखी झड़प हो गई। मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने हालात संभालने की कोशिश की, लेकिन भीड़ लगातार उग्र होती गई।
निदेशालय परिसर में भी भिड़े दो गुट
एकलव्य चौराहे के साथ ही निदेशालय मुद्रण एवं लेखन सामग्री परिसर में भी तनावपूर्ण स्थिति देखने को मिली। वहां दो गुट आमने-सामने आ गए और दोनों के बीच जमकर मारपीट हुई। परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। पुलिस ने तत्काल हस्तक्षेप कर दोनों पक्षों को अलग किया, लेकिन तब तक कई लोग चोटिल हो चुके थे।
सूत्रों के मुताबिक, विवाद के दौरान जमकर धक्का-मुक्की हुई और कुछ लोगों ने परिसर में मौजूद सामान को भी नुकसान पहुंचाया। घटना के बाद प्रशासन ने परिसर की सुरक्षा बढ़ा दी।
ACP विद्युत गोयल घायल, पुलिस महकमे में हड़कंप
हंगामे के बीच स्थिति को नियंत्रित करने पहुंचे एसीपी सिविल लाइंस विद्युत गोयल भी चोटिल हो गए। बताया जा रहा है कि पथराव और धक्का-मुक्की के दौरान उनके सिर और शरीर पर चोट लगी, जिसके बाद वह अचानक बेहोश होकर गिर पड़े।
ACP के गिरते ही पुलिसकर्मियों में अफरा-तफरी मच गई। उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार किया। फिलहाल उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है। घटना के बाद पुलिस प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गया।
भारी पुलिस बल तैनात
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए शहर के कई थानों की पुलिस, PAC और रैपिड एक्शन फोर्स को मौके पर बुलाया गया। पुलिस अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों से बातचीत कर हालात सामान्य करने का प्रयास किया।
कई घंटों की मशक्कत के बाद पुलिस ने धीरे-धीरे जाम हटवाना शुरू किया। हालांकि देर शाम तक इलाके में तनाव का माहौल बना रहा। प्रशासन ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और शांति बनाए रखने की अपील की है।
वकीलों की चेतावनी
अधिवक्ताओं ने साफ कहा है कि जब तक दोषी डॉक्टरों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तारी नहीं की जाती, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने कहा कि अधिवक्ताओं के सम्मान के साथ खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
वकीलों ने यह भी आरोप लगाया कि पुलिस प्रशासन शुरू में मामले को दबाने की कोशिश कर रहा था, जिसके कारण आक्रोश और बढ़ गया। उन्होंने सरकार से मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।
डॉक्टरों का पक्ष भी आया सामने
वहीं अस्पताल से जुड़े कुछ डॉक्टरों का कहना है कि वकील और डॉक्टर के बीच पहले तीखी बहस हुई थी। डॉक्टरों के अनुसार, अस्पताल में कामकाज के दौरान व्यवधान उत्पन्न किया गया, जिसके बाद विवाद बढ़ा। हालांकि डॉक्टरों की ओर से भी पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की गई है।
मेडिकल स्टाफ का कहना है कि अस्पताल जैसे संवेदनशील स्थान पर हिंसा और दबाव की राजनीति उचित नहीं है। उन्होंने सुरक्षा बढ़ाने की मांग उठाई है।
आम जनता हुई परेशान
वकीलों के प्रदर्शन और सड़क जाम का सबसे ज्यादा असर आम लोगों पर पड़ा। शहर के कई हिस्सों में घंटों ट्रैफिक जाम लगा रहा। मरीजों को अस्पताल पहुंचने में दिक्कत हुई, जबकि स्कूली बच्चे और नौकरीपेशा लोग भी परेशान नजर आए।
कई लोगों ने प्रशासन से अपील की कि कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए जल्द सख्त कदम उठाए जाएं ताकि आम नागरिकों को परेशानी का सामना न करना पड़े।
प्रशासन ने दिए जांच के आदेश
घटना के बाद जिला प्रशासन ने पूरे मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पथराव और तोड़फोड़ में शामिल लोगों की पहचान की जा रही है। सीसीटीवी फुटेज और वीडियो क्लिप के आधार पर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि कानून हाथ में लेने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। शहर में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर संवेदनशील इलाकों में निगरानी बढ़ा दी गई है।
शहर में तनावपूर्ण शांति
देर रात तक प्रयागराज में तनावपूर्ण शांति बनी रही। पुलिस लगातार गश्त कर रही है और प्रशासन हालात पर नजर बनाए हुए है। वकीलों और डॉक्टरों के बीच उपजा यह विवाद अब कानून-व्यवस्था के लिए बड़ी चुनौती बन गया है।
फिलहाल सभी की नजर प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई है। यदि समय रहते समाधान नहीं निकाला गया तो आने वाले दिनों में यह आंदोलन और बड़ा रूप ले सकता है।