घसिया पंचायत सरकार भवन में सहयोग शिविर आयोजित, विभिन्न विभागों से जुड़े आवेदनों का हुआ त्वरित निष्पादन
धोरैया/बांका:
धोरैया प्रखंड अंतर्गत घसिया पंचायत सरकार भवन परिसर में मंगलवार को आमजनों की समस्याओं के त्वरित समाधान एवं विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ पात्र लाभुकों तक पहुंचाने के उद्देश्य से सहयोग शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने पहुंचकर अपनी समस्याओं एवं विभिन्न योजनाओं से संबंधित आवेदन जमा किए।
शिविर में धोरैया थाना प्रभारी बड़ा बाबू अमित कुमार मुख्य रूप से उपस्थित रहे। वहीं बांका के डीसीएलआर मनीष कुमार बोसी, सीडीपीओ इंद्रजीत बैठा, बीडीओ अरविंद कुमार, सीओ श्रीनिवास कुमार सिंह, बीपीआरओ अनुपम अनुराग, मुखिया अनीता यादव एवं पंचायत प्रतिनिधि विपिन यादव की अध्यक्षता में शिविर का संचालन किया गया।
मौके पर एमओ मदन मोहन, एलईओ विभाष कुमार, कुमारी हेमा, प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. ज्योति राजवर, स्वास्थ्य प्रबंधक अवध किशोर श्यामला, पीएचडी जेई निष्ठा सिंह सहित अन्य विभागों के अधिकारी, कर्मचारी, वार्ड सदस्य एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।
शिविर के दौरान धोरैया प्रखंड के बटसार पंचायत से 105 , घसिया पंचायत से 94 आवेदन प्राप्त हुए। इसके अलावा मंगलवार को बटसार में 10 और घसिया पंचायत में 27 नए आवेदन भी प्राप्त किए गए। शिविर में जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र, पेंशन, पीएचडी एवं भूमि संबंधी मामलों से जुड़े आवेदन भी बड़ी संख्या में प्राप्त हुए।
प्राप्त आवेदनों में जिन मामलों के आवश्यक दस्तावेज एवं प्रक्रियाएं पूर्ण पाई गईं, उनका मौके पर ही निष्पादन किया गया। वहीं अपूर्ण दस्तावेज अथवा अधूरी प्रक्रिया वाले आवेदनों को अस्वीकृत कर दिया गया। जिन आवेदनों का निष्पादन शिविर के दिन संभव नहीं हो सका, उन्हें संबंधित अधिकारियों द्वारा जांच उपरांत आगे की कार्रवाई के लिए वरीय पदाधिकारियों को भेज दिया गया।
अधिकारियों ने बताया कि सहयोग शिविर में प्राप्त आवेदनों का निष्पादन 30 दिनों के भीतर सुनिश्चित करना अनिवार्य है। इसकी ऑनलाइन समीक्षा जिला स्तर से लेकर राज्य सरकार एवं मुख्यमंत्री कार्यालय तक की जाती है। निर्धारित समय सीमा के भीतर जानबूझकर आवेदनों का निष्पादन नहीं करने वाले संबंधित पदाधिकारियों के विरुद्ध निलंबन सहित विभागीय कार्रवाई की जा सकती है।
सहयोग शिविर का उद्देश्य आम लोगों की समस्याओं का त्वरित समाधान करना सरकारी योजनाओं को प्रभावी रूप से अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है। शिविर के आयोजन से ग्रामीणों को एक ही स्थान पर विभिन्न विभागों से संबंधित सेवाओं का लाभ मिलने से काफी सहूलियत हुई।