मोहम्मद आसिम ने वैचारिक डर को असली दुश्मन बताया
मुरादाबाद (उत्तर प्रदेश): युवा विचारक मोहम्मद आसिम ने 'Positive India' और 'National Character Building (NCB)' अभियानों के तहत भारतीय समाज की वैचारिक कमजोरियों पर गहरा आत्ममंथन किया। उन्होंने कहा कि देश का असली दुश्मन सीमा पार की ताकतें नहीं, बल्कि हमारे अंदर का वैचारिक डर और मानसिक गुलामी है, जिससे 80% आबादी दिशाहीन जीवन जी रही है।
आसिम ने देश के सुरक्षा बजट को नागरिकों के चरित्र से जोड़ते हुए बताया कि यदि अपराध न हो तो सरकार को सुरक्षा व्यवस्था पर अरबों रुपये खर्च करने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। उन्होंने समाज की 'दोहरी मानसिकता' पर भी प्रहार किया और कहा कि देश बदलना चाहते हैं तो पहले खुद को बदलना होगा। उनका मानना है कि नैतिक समाज बनाना हमारा आध्यात्मिक कर्तव्य है, जो देश के भविष्य को बेहतर बनाएगा।