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कलेक्टर की 'बस यात्रा' पर जनता का तंज: "क्या मोदी सरकार के 'अच्छे दिन' यही हैं? मंत्रियों, सांसदों और विधायकों को भी लग्जरी गाड़ियां छोड़ बस में चलना

​बड़ी खबर: कलेक्टर की 'बस यात्रा' पर जनता का बड़ा तंज— "क्या मोदी सरकार के 'अच्छे दिन' यही हैं? अब मंत्री, सांसद और विधायक भी छोड़ें लग्जरी गाड़ियां!"
​सारंगढ़-बिलाइगढ़। हरदी के 'सुशासन तिहार शिविर' में कलेक्टर पद्मिनी भोई साहू और जिला प्रशासन के अधिकारियों का गाड़ियों का काफिला छोड़कर एक ही बस से सफर करने का मामला अब क्षेत्र में एक नई सियासी और सामाजिक बहस का मुद्दा बन गया है। इस अनोखी पहल को लेकर अब आम जनता के बीच से बेहद तीखी और सीधी प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं, जिसे लोग सीधे मोदी सरकार के 'अच्छे दिन' के नारे से जोड़कर देख रहे हैं।
​स्थानीय नागरिकों का कहना है कि जिला प्रशासन को आज जाकर मोदी सरकार के 'अच्छे दिन' देखने को मिले हैं। जनता अब सोशल मीडिया पर यह तंज कस रही है कि क्या देश और प्रदेश में ऐसे ही 'अच्छे दिन' देखने के लिए बाकी रह गए थे, जहां अधिकारियों को सरकारी कारों का काफिला छोड़ बस का सहारा लेना पड़ रहा है?
​"नेताओं को भी मिले ऐसी ही बस की सवारी, बंद हो वीआईपी संस्कृति"
​जिला प्रशासन की इस पहल के बाद अब जनता सीधे तौर पर सरकार के मंत्रियों, सांसदों और विधायकों को कटघरे में खड़ा कर रही है। लोगों का साफ कहना है कि:
​नेताओं की गाड़ियों पर लगे रोक: जब जिले के सबसे बड़े प्रशासनिक अधिकारी (कलेक्टर) और तमाम विभाग प्रमुख ईंधन बचाने के लिए एक साधारण बस में बैठ सकते हैं, तो प्रदेश के मंत्रियों, सांसदों और क्षेत्रीय विधायकों को भी अपनी करोड़ों की लग्जरी गाड़ियां और काफिले तुरंत छोड़ देने चाहिए।
​जनता के पैसे की बर्बादी बंद हो: नेताओं के दौरों और रैलियों में होने वाली भारी-भरकम सुरक्षा व्यवस्था और गाड़ियों की लंबी कतारों पर जनता का पैसा पानी की तरह बहाया जाता है। अब शासन को ऐसा कड़ा नियम बनाना चाहिए कि सभी जन-प्रतिनिधि भी अनिवार्य रूप से इसी तरह सामूहिक वाहनों या बसों में सफर करें।
​सादगी या सिर्फ एक दिन का दिखावा?
​इस 'बस यात्रा' को लेकर आम जनता में यह संशय भी बना हुआ है कि क्या यह सिर्फ एक दिन के सुशासन शिविर में वाहवाही लूटने और फोटो खिंचवाने का जरिया था, या फिर आगे भी अधिकारी इसी तरह सादगी से चलेंगे? लोगों का साफ कहना है कि अगर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ईंधन बचत और पर्यावरण संरक्षण के संदेश कलेक्टर की 'बस यात्रा' पर जनता का तंज: "
​ब्यूरो रिपोर्ट: आइमा मीडिया

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