बाल संरक्षण से संबंधित कार्यों की समीक्षात्मक बैठक संपन्न।
अनाथ, निसहाय एवं जरूरतमंद बच्चों के संरक्षण, पुनर्वास एवं सहायता योजनाओं की प्रगति की सम
■ बाल संरक्षण से संबंधित कार्यों की समीक्षात्मक बैठक संपन्न।
■ अनाथ, निसहाय एवं जरूरतमंद बच्चों के संरक्षण, पुनर्वास एवं सहायता योजनाओं की प्रगति की समीक्षा।
■ स्पॉन्सरशिप योजना से संबंधित आवेदनों का सत्यापन प्रखंड विकास पदाधिकारी स्तर से कराने का निर्देश।
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आज समाहरणालय स्थित सभागार में जिला दंडाधिकारी सह उपायुक्त गोड्डा श्री लोकेश मिश्रा की अध्यक्षता में जिला बाल संरक्षण इकाई, गोड्डा से संबंधित कार्यों की समीक्षात्मक बैठक आयोजित की गई। बैठक में बाल संरक्षण से संबंधित विभिन्न योजनाओं एवं मामलों की प्रगति की बिंदुवार समीक्षा की गई तथा आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
बैठक में सहायक निदेशक, सामाजिक सुरक्षा कोषांग, गोड्डा श्री अभय झा, जिला बाल संरक्षण पदाधिकारी श्री राजेश कुमार गुप्ता, संरक्षण पदाधिकारी (संस्थागत) श्री विकास चंद्र तथा संरक्षण पदाधिकारी (गैर-संस्थागत) श्री ओम प्रकाश उपस्थित थे। इस दौरान एजेंडावार विभिन्न विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई।
उपायुक्त के द्वारा कोविड महामारी के दौरान अनाथ हुई बालिका, जिसे पीएम केयर्स योजना से जोड़ा गया है, की वर्तमान स्थिति की जानकारी ली गई तथा उसके सतत अनुश्रवण एवं समुचित देखभाल सुनिश्चित करने का निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिया गया।
बैठक के दौरान स्पॉन्सरशिप योजना से जोड़े गए बच्चों की स्थिति की भी समीक्षा की गई। जिला बाल संरक्षण पदाधिकारी द्वारा जानकारी दी गई कि वर्तमान में 112 अनाथ, निसहाय एवं जरूरतमंद बच्चों को नियमानुसार योजना से जोड़कर सहायता प्रदान की जा रही है, जबकि 44 नए बच्चों के आवेदन प्रक्रियाधीन हैं।साथ ही यह अवगत कराया गया कि विगत एक वर्ष के दौरान आपदा एवं सड़क दुर्घटनाओं में मृत व्यक्तियों के आश्रित परिवारों के गृह भ्रमण कर जांच की गई है तथा आश्रित नाबालिग बच्चों को चिन्हित किया गया है। ऐसे बच्चों के आवश्यक दस्तावेज प्राप्त होने के उपरांत उन्हें स्पॉन्सरशिप एवं फोस्टर केयर अनुमोदन समिति के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा। नियमानुसार स्वीकृति प्राप्त होने के बाद संबंधित बच्चों को योजना से जोड़ा जाएगा।
उपायुक्त के द्वारा निर्देशित किया गया कि स्पॉन्सरशिप योजना से संबंधित सभी आवेदनों का सत्यापन संबंधित प्रखंड विकास पदाधिकारी के माध्यम से सुनिश्चित किया जाए, ताकि पात्र बच्चों को समयबद्ध तरीके से लाभ उपलब्ध कराया जा सके।
बैठक में बाल कल्याण समिति, किशोर न्याय बोर्ड एवं चाइल्ड हेल्पलाइन के समक्ष प्रस्तुत मामलों की भी समीक्षा की गई। इसके अतिरिक्त दत्तक ग्रहण (एडॉप्शन) एवं अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तारपूर्वक चर्चा करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
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Office of Chief Minister, Jharkhand