शाहजहांपुर: 2014 के वादों पर जनता में अफसोस और धैर्य
शाहजहांपुर: अप्रैल-मई 2014 के चुनावी वादों को याद कर अब जनता अफसोस में है कि काश उस वक्त उन वादों पर विश्वास न किया होता। यह चर्चा शहर में आम लोगों के बीच तेज़ी से फैल रही है। जनता के विभिन्न वर्ग यह मान रहे हैं कि उस वक्त किए गए वादे पूरे नहीं हुए, जिसके कारण उम्मीदों पर पानी फिर गया।
फिर भी, जनता कुछ हद तक धैर्य बनाए हुए है और सुरक्षा को सर्वोपरि मान रही है। खासकर देर रात आवागमन के समय बेटियों और महिलाओं की सुरक्षा को लेकर सकारात्मक माहौल देखा जा रहा है। इस संदर्भ में स्थानीय लोग सुरक्षा व्यवस्था की सराहना भी कर रहे हैं।