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मोहम्मद आसिम का विचार: असली दुश्मन हमारे अंदर का वैचारिक डर

मुरादाबाद: लेखक मोहम्मद आसिम ने 'Positive India' के तहत कहा कि असली दुश्मन कोई बाहरी ताकत नहीं बल्कि हमारे भीतर का वैचारिक डर और मानसिक गुलामी है। लगभग 80% लोग दिशाहीन और अर्थहीन जीवन जी रहे हैं, जो समाज में भटकाव और नकारात्मकता का कारण बनता है। उन्होंने बताया कि जब कोई व्यक्ति बिना लक्ष्य के जीवन बिताता है, तो वह मानसिक गुलामी को स्वीकार करता है, जिससे उसके विचार और आदतें उसकी समस्याओं की जड़ बनती हैं।

मोहम्मद आसिम ने देश के बजट पर भी ध्यान दिलाया और कहा कि अगर लोग अपराध करना बंद कर दें, तो सरकार को सुरक्षा, पुलिस और जेलों पर भारी खर्च नहीं करना पड़ेगा। यह खर्च देश के विकास, शिक्षा और रोजगार में लगाया जा सकता है। उन्होंने आत्म-सुधार को असली राष्ट्रवाद बताया और बताया कि जब तक हम अपनी दोहरी मानसिकता नहीं छोड़ेंगे, तब तक एक आत्मनिर्भर समाज नहीं बन पाएगा। उन्होंने सभी से वैचारिक गुलामी और डर को तोड़ने की अपील की।

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