संडे- हम शूद्र थे, हमें मंदिर में नहीं घुसने दिया जाता था
मंडे- भिक्षाटन करके जीने वाले ब्राह्मणों को हम दान करते थे, हम बहुत बड़े दानवीर जमींदार राज
संडे- हम शूद्र थे, हमें मंदिर में नहीं घुसने दिया जाता था
मंडे- भिक्षाटन करके जीने वाले ब्राह्मणों को हम दान करते थे, हम बहुत बड़े दानवीर जमींदार राजा महाराजा थे।
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ठीक है,,,
फिर उसका 1% मुझे दान नगद/खाते में या जमीन भले उसमें वराह हगता मूतता हो या वक्फबोड की जमीन हो दे मै मुंह खोल कर मांग रहा हु आप कृष्ण के वंशज है और मैं सुदामा का उस समय भी एक ब्राह्मण दरवाजे से खाली हाथ वापस नहीं आया अभी मैं इस समय का ब्राह्मण इस समय के कृष्ण का दरवाजा खटखटा रहा हु,,, ,,,,
जैसी तैसी जमीन नगद हो सब चलेगी बस डंके की चोट पर जो कहे है उसको पूरा करे फिर देखिया ये ब्राह्मण क्या करता है,,,
लेकिन पहले आप,,,,
सनातनी दीपक पंडित जी मेरे शब्दों को उनके/इनके पास तक पहुंचने में सहायता पुरजोर करे,,,,,,,,,,,
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#मनोजयादव_सपा_प्रवक्ता
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