दोस्तों की पिटाई से युवक की मौत, अस्पताल में बिल को लेकर घंटों बंधक बना रहा शव
दरभंगा : शादी समारोह में दोस्तों द्वारा की गई बेरहमी से पिटाई में गंभीर रूप से घायल युवक की इलाज के दौरान मौत हो गई। घटना के बाद गरीब परिवार पर निजी अस्पताल का भारी-भरकम बिल टूट पड़ा। पैसे नहीं होने पर अस्पताल प्रबंधन ने शव देने से इंकार कर दिया, जिससे परिजन घंटों रोते-बिलखते रहे। बाद में सामाजिक कार्यकर्ताओं की पहल पर समझौता होने के बाद शव सौंपा गया। मृतक की पहचान जमालपुर थाना क्षेत्र के भूगौल गांव निवासी मिथिलेश चौपाल के 22 वर्षीय पुत्र अर्जुन चौपाल के रूप में हुई है। परिजनों के अनुसार अर्जुन को उसका दोस्त नंटू मुखिया शादी समारोह में बुलाकर ले गया था। इसी दौरान कुशेश्वरस्थान थाना क्षेत्र के बेर चौक स्थित नौनी-कछुआ गांव में दोस्तों के बीच विवाद हुआ और अर्जुन की बेरहमी से पिटाई कर दी गई। मारपीट में वह गंभीर रूप से घायल होकर बेहोश हो गया। भाई मुकेश चौपाल ने बताया कि पहले अर्जुन को सतीघाट पीएचसी ले जाया गया, जहां से हालत नाजुक देख डीएमसीएच रेफर कर दिया गया। डीएमसीएच में भी स्थिति गंभीर होने पर पटना रेफर किया गया। परिजनों का आरोप है कि पटना ले जाने के लिए एंबुलेंस तय करने के दौरान चालक ने बहला-फुसलाकर उन्हें बेंता स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती करा दिया। सोमवार को इलाज के दौरान अर्जुन की मौत हो गई। इसके बाद अस्पताल प्रबंधन ने करीब साढ़े तीन लाख रुपये का बिल थमा दिया। आर्थिक रूप से कमजोर परिवार इतनी बड़ी रकम देने में असमर्थ था। आरोप है कि बिल भुगतान नहीं होने पर अस्पताल ने शव रोक लिया। इस दौरान परिजन अस्पताल परिसर में रोते-बिलखते रहे और एंबुलेंस चालक को दलाल बताकर कोसते रहे। काफी देर तक चले विवाद और सामाजिक कार्यकर्ताओं की पहल के बाद डेढ़ लाख रुपये जमा कराने पर अस्पताल प्रबंधन ने शव परिजनों को सौंपा। सूचना मिलने पर लहेरियासराय थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए डीएमसीएच भेज दिया। पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है।