वरतेज रेलवे स्टेशन पर डीजल चोरी के मामले में 4 आरोपी दोषी करार, रेलवे न्यायालय ने लगाया 40,000 का जुर्माना
वरतेज रेलवे स्टेशन पर डीजल चोरी के मामले में 4 आरोपी दोषी करार, रेलवे न्यायालय ने लगाया ₹40,000 का जुर्माना
पश्चिम रेलवे के भावनगर मंडल के अंतर्गत वरतेज रेलवे स्टेशन पर रेलवे के डीजल इंजन से 150 लीटर डीजल चोरी किए जाने के मामले में रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ), भावनगर द्वारा की गई त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई के फलस्वरूप चार आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में प्रस्तुत किया गया, जहां माननीय रेलवे न्यायालय, भावनगर ने सभी आरोपियों को दोषी ठहराते हुए कुल ₹40,000/- का जुर्माना लगाया।
उल्लेखनीय है कि दिनांक 14 जून 2025 को वरतेज रेलवे स्टेशन पर खड़े रेलवे डीजल इंजन से लगभग 150 लीटर डीजल चोरी होने की घटना सामने आई थी। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए आरपीएफ भावनगर के निरीक्षक श्री कपिलकुमार चौहान के मार्गदर्शन में एक विशेष टीम का गठन किया गया।
गठित टीम में उप निरीक्षक श्री अश्विन वरु, सहायक उप निरीक्षक श्री रामप्रताप, कांस्टेबल श्री धर्मेश डांगर, कांस्टेबल श्री फैजल पठान तथा अपराध शाखा के श्री जगदीश डांगर शामिल थे। टीम द्वारा लगातार दिन-रात किए गए गहन प्रयासों, तकनीकी जांच तथा सूचनाओं के आधार पर दिनांक 10 जुलाई 2025 को चार आरोपियों को गिरफ्तार कर चोरी किए गए 150 लीटर डीजल की बरामदगी की गई।
गिरफ्तार आरोपियों के विरुद्ध रेलवे संपत्ति (अवैध कब्जा) अधिनियम, 1966 [Railway Property (Unlawful Possession) Act] की धारा 3 के अंतर्गत मामला दर्ज किया गया तथा उन्हें माननीय रेलवे न्यायालय, भावनगर में प्रस्तुत किया गया।
माननीय रेलवे न्यायालय, भावनगर के न्यायाधीश श्री वाई. पी. शाह ने मामले की त्वरित सुनवाई करते हुए चारों आरोपियों को दोषी ठहराया और उन पर कुल ₹40,000/- का आर्थिक दंड अधिरोपित किया।
डीजल चोरी को एक गंभीर आर्थिक अपराध माना जाता है। इस प्रकार के अपराध न केवल सरकारी संपत्ति को क्षति पहुंचाते हैं, बल्कि राष्ट्रीय संसाधनों की हानि, आपूर्ति व्यवस्था में बाधा तथा सार्वजनिक राजस्व पर प्रतिकूल प्रभाव डालते हैं। रेलवे प्रशासन ऐसे अपराधों के प्रति शून्य सहिष्णुता की नीति अपनाते हुए दोषियों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित कर रहा है।
पश्चिम रेलवे यात्रियों एवं आम नागरिकों से अपील करता है कि रेलवे संपत्ति की सुरक्षा में सहयोग करें तथा किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तत्काल रेलवे सुरक्षा बल अथवा रेलवे प्रशासन को दें।