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निजी अस्पतालों पर स्वास्थ्य विभाग की छापेमारी, नोटिस कार्रवाई पर उठे सवाल

थरियांव फतेहपुर संवाददाता।
निजी अस्पतालों पर स्वास्थ्य विभाग की लगातार चल रही छापेमारी के बावजूद मानकों की अनदेखी कर अस्पतालों का संचालन बदस्तूर जारी है। मंगलवार को एसीएमओ के नेतृत्व में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने थरियांव के पूर्वी बायपास स्थित S R मेडिसिटी हॉस्पिटल समेत कई निजी अस्पतालों में औचक निरीक्षण किया।
छापेमारी के दौरान S R मेडिसिटी हॉस्पिटल थरियांव, नैन्सी हॉस्पिटल लोधीगंज सहित अन्य निजी अस्पतालों में दस्तावेज, पंजीकरण, चिकित्सकीय सुविधाओं और स्टाफ की उपलब्धता की गहन जांच की गई। टीम के पहुंचते ही अस्पताल संचालकों में हड़कंप मच गया। निरीक्षण में कई स्थानों पर अभिलेख अधूरे पाए गए, जबकि कुछ अस्पतालों में व्यवस्थाएं निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं मिलीं।
सूत्रों के अनुसार, नैन्सी हॉस्पिटल को पहले भी चार से पांच बार नोटिस जारी किए जा चुके हैं, लेकिन ठोस कार्रवाई न होने से विभागीय कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं। आरोप है कि कार्रवाई के नाम पर केवल नोटिस देकर खानापूर्ति की जा रही है।
वहीं थरियांव थाना क्षेत्र में संचालित S R मेडिसिटी हॉस्पिटल के बाहर लगे बोर्ड में हड्डी रोग अस्पताल लिखा हुआ है, जबकि सीएमओ कार्यालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार संस्थान का पंजीकरण क्लीनिक के रूप में दर्ज है। ऐसे में क्लीनिक की आड़ में अस्पताल संचालन को लेकर गंभीर प्रश्न खड़े हो रहे हैं।
जानकारों का कहना है कि क्लीनिक पंजीकरण के तहत मरीज भर्ती करना, ऑपरेशन या सर्जरी जैसी सेवाएं देना नियमों के विरुद्ध माना जाता है। इसके बावजूद निरीक्षण के बाद केवल नोटिस जारी कर एक सप्ताह में स्पष्टीकरण मांगे जाने की कार्रवाई को लेकर लोगों में नाराजगी है।
क्षेत्रीय नागरिकों ने आरोप लगाया कि कुछ अस्पताल झोलाछापों के भरोसे संचालित हो रहे हैं और निरीक्षण के दौरान भी कई जगह डॉक्टर मौजूद नहीं मिले। ऐसे में स्थानीय लोगों का सवाल है कि बार-बार अनियमितताएं मिलने के बावजूद स्वास्थ्य विभाग कठोर कार्रवाई करने से क्यों बच रहा है।

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