कोटा डिप्रपारा वार्ड नं. 1, बिलासपुर की अटल आवास कॉलोनी पर तीखा जन-संदेश
Bilaspur के कोटा डिप्रपारा वार्ड नं. 1
कोटा डिप्रपारा वार्ड नं. 1, बिलासपुर की अटल आवास कॉलोनी पर तीखा जन-संदेश
Bilaspur के कोटा डिप्रपारा वार्ड नं. 1 स्थित Chhattisgarh Housing Board की अटल आवास कॉलोनी आज गरीबों के सपनों का घर नहीं, बल्कि व्यवस्था की लापरवाही और भ्रष्टाचार की मिसाल बनती जा रही है।
यह कैसी योजना है जहाँ जरूरतमंद गरीब परिवार किराए के कमरों में जिंदगी काट रहे हैं, लेकिन सरकारी मकान उन लोगों के नाम कर दिए गए जिनका कॉलोनी से कोई लेना-देना तक नहीं? कई घर सालों से बंद पड़े हैं, कुछ में ताले जंग खा रहे हैं, और कई मकानों पर कब्जे और चोरी की घटनाएँ लगातार बढ़ रही हैं। लोगों का आरोप है कि “घर सिर्फ खाली नहीं हैं, धीरे-धीरे गायब हो रहे हैं” — दरवाजे, खिड़कियाँ, लोहे की ग्रिल, बिजली फिटिंग तक चोरी हो रही है।
स्थानीय गरीब परिवारों का कहना है:
“जिनके पास रहने को छत नहीं, उन्हें मकान नहीं मिला।
और जिनके पास पहले से पैसा और मकान है, उनके नाम सरकारी घर कर दिए गए।”
यह मामला सिर्फ चोरी का नहीं, बल्कि गरीबों के अधिकारों की खुली अनदेखी का है। अगर अटल आवास जैसी योजनाएँ भी जरूरतमंद तक नहीं पहुँचेंगी, तो जनता सरकार पर भरोसा कैसे करेगी?
जनता की मांग
अटल आवास कॉलोनी के सभी आवंटनों की निष्पक्ष जांच हो।
फर्जी या अनुपस्थित आवंटियों की सूची सार्वजनिक की जाए।
खाली पड़े मकान तुरंत वास्तविक गरीब और बेघर परिवारों को दिए जाएँ।
कॉलोनी में सुरक्षा व्यवस्था और पुलिस गश्त बढ़ाई जाए।
मकानों में हो रही चोरी और अवैध कब्जों पर तत्काल कार्रवाई हो।
आज बिलासपुर की यह आवाज सिर्फ एक कॉलोनी की नहीं, बल्कि उन हजारों गरीब परिवारों की आवाज है जो सरकारी योजनाओं में अपना हक मांग रहे हैं। सरकार और प्रशासन अगर अब भी नहीं जागा, तो जनता का आक्रोश सड़क से लेकर विधानसभा तक