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एसडीएम बारा की कार्यशैली पर उठे सवाल, नदी-नालों पर कब्जा कर काटे जा रहे प्लॉट, फार्म हाउस पर अफसर मौन

एसडीएम बारा की कार्यशैली पर उठे सवाल, माफियाओं पर नरम गरीबों पर सख्त



नदी-नालों पर कब्जा कर काटे जा रहे प्लॉट, फार्म हाउस पर अफसर मौन



प्रयागराज: बारा तहसील में एसडीएम डॉ गणेश कनौजिया का कानून सिर्फ कागजों तक सिमट गया है। रसूखदार भू-माफियाओं के आगे अफसर का पूरा तंत्र नतमस्तक दिख रहा है। कार्रवाई का डंडा केवल छोटे खनन करने वालों और सरकारी जमीन पर झोपड़ी डालकर जी रहे गरीबों पर चलता है। तहसील के कर्मचारी भी बड़े कब्जेदारों का नाम सुनते ही फाइलें समेट लेते हैं। दबंगों के खिलाफ शिकायत मिलते ही एसडीएम डॉ गणेश कनौजिया का तेवर ठंडा पड़ जाता है। मीटिंग में सख्ती की बात करने वाले साहब मौके पर पहुंचकर चुप्पी साध लेते हैं। कई बार टीम भेजी गई, लेकिन सिर्फ नोटिस थमाकर वापस लौट आई। क्षेत्र के लोग पूछ रहे हैं कि क्या प्रशासन का बुलडोजर सिर्फ कमजोरों की झोपड़ी गिराने के लिए है।मीडिया में लगातार अवैध कब्जों की खबरें उजागर हो रही हैं, फिर भी एसडीएम के स्तर से कोई ठोस पहल नहीं हो रही। साहब की चुप्पी से कई तरह के सवाल खड़े हो गए हैं।शिकायत करने वालों का आरोप है कि उन्हें ही दबंगों की धमकियां झेलनी पड़ती हैं।ग्रामीणों का कहना है कि यह प्रशासनिक नाकामी है या मिलीभगत, इसकी जांच होनी चाहिए।शंकरगढ़ से लालापुर, नारीबारी से जारी तक सरकारी तालाब, नदी और नालों की जमीन पर कब्जे का खेल जारी है। कहीं प्लॉटिंग हो रही है तो कहीं आलीशान फार्म हाउस तैयार हो गए हैं। ग्राम समाज की जमीन, सरकारी नाले और किसानों की निजी खेती तक पर माफिया कब्जा कर रहे हैं। पीड़ित लोग आस लगाकर तहसील में अर्जी देते हैं, लेकिन महीनों बीत जाने पर भी कोई सुनवाई नहीं होती। रात के अंधेरे में मिट्टी डालकर जलाशय पाट दिए जाते हैं और सुबह वहां बाउंड्रीवाल खड़ी मिलती है। तालाब की जमीन पर कॉलोनी बसाने का धंधा जोरों पर है, मगर एसडीएम का अमला तमाशबीन बना है। गरीब की झोपड़ी हटाने में मिनट नहीं लगाने वाला महकमा रसूखदारों के अवैध निर्माण देखकर आंखें मूंद लेता है। इस भेदभाव ने जनता का प्रशासन से भरोसा हिला दिया है।स्थानीय लोगों ने जिलाधिकारी और मंडलायुक्त से मांग की है कि पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराकर दोषी अफसरों और माफियाओं पर सख्त एक्शन हो। ग्रामीणों ने अल्टीमेटम दिया है कि अगर जल्द कब्जे नहीं हटे तो तहसील मुख्यालय पर बड़ा धरना प्रदर्शन किया जाएगा।



*पत्रकार शिवम शुक्ला_

_शंकरगढ़ प्रयागराज_

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